फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Tirupati Laddu Controversy Shankaracharya Avimukteshwarananda Statement on Government Badrinath Kedarnath

प्रसादम विवाद: शंकराचार्य बोले- मंदिरों से सरकार का हस्तक्षेप खत्म हो, बद्रीनाथ और केदारनाथ को लेकर कही यह बात

Sat, 21 Sep 2024 02:32 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 21 Sep 2024 02:32 PM IST
सार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि देश के सभी मंदिरों की पूजा पद्धति में सरकार का हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त होना चाहिए, क्योंकि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सही पालन केवल संस्कृति से जुड़े लोग ही कर सकते हैं। मंदिरों का प्रबंधन धर्माचार्यों के हाथों में दिया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
Tirupati Laddu Controversy Shankaracharya Avimukteshwarananda Statement on Government Badrinath Kedarnath
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आंध्र प्रदेश के तिरुमला मंदिर में प्रसादम को लेकर शुरू हुए विवाद पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने जबलपुर में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे भक्तों की भावनाओं के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ और अपराध बताया। उन्होंने कहा कि यह अपराध किसी की हत्या करने से भी बड़ा अपराध है। इसके दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में किसी और मंदिर में ऐसा न हो सके। उन्होंने कहा कि देश में वही होगा जो बहुसंख्यक हिंदू समाज चाहेगा, धर्माचार्यों की टीम बनाकर सभी मठ मंदिरों के प्रसाद की जांच कराएंगे।  

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि भगवान के प्रसाद में अपवित्र घटक मिलाना पूरे हिंदू समुदाय के प्रति अपराध है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के सभी मंदिरों की पूजा पद्धति में सरकार का हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त होना चाहिए, क्योंकि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सही पालन केवल संस्कृति से जुड़े लोग ही कर सकते हैं। मंदिरों का प्रबंधन धर्माचार्यों के हाथों में दिया जाना चाहिए, ताकि परंपरा और संस्कृति को बचाया जा सके। 
विज्ञापन


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि तिरुमला मंदिर में जो हुआ वह बद्रीनाथ और केदारनाथ में हो रहा है। सरकार ने यहां पारंपरिक लोगों को हटाकर सीधी भर्ती शुरू कर रही है, इससे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ हो सकता है। क्योंकि, जो लोग मंदिरों में काम करेंगे वो वे आस्था से नहीं, नौकरी के लिए करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने इस पूरे मामले को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर आरोप झूठे होते तो अब तक नायडू का घेराव हो चुका होता। उन्होंने ने प्रसादम के लिए उपयोग हो रहे घी की कीमत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में 350 रुपए में घी कहां मिलता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed