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MP News: अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार की, अब नहीं बनता उच्च पद का दावा
Sat, 04 Feb 2023 10:22 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 04 Feb 2023 10:22 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था कि शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी है। इसलिए उसे वर्ग 3 में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए आवेदक का दावा नहीं बनता है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्ग 3 में अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए दावा नहीं बनता है।
याचिकाकर्ता केके पांडे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उसके पिता सीधी जिले में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। सेवाकाल के दौरान उसके पिता की मृत्यु जून 2009 को हुई थी। जिसके बाद उसने जिला विकासखंड में चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने आवेदन किया था। उसे चपरासी के पद में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर दी गई।
याचिका में कहा गया था कि उसकी शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी है। इसलिए उसे वर्ग 3 में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए आवेदक का दावा नहीं बनता है।
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याचिकाकर्ता केके पांडे की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उसके पिता सीधी जिले में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। सेवाकाल के दौरान उसके पिता की मृत्यु जून 2009 को हुई थी। जिसके बाद उसने जिला विकासखंड में चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने आवेदन किया था। उसे चपरासी के पद में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर दी गई।
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याचिका में कहा गया था कि उसकी शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी है। इसलिए उसे वर्ग 3 में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए आवेदक का दावा नहीं बनता है।
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