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MP: देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में विधायक रामबाई के पति को जमानत नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की अर्जी

Sat, 27 Aug 2022 07:56 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 27 Aug 2022 07:56 PM IST
सार

विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह को देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। साक्ष्यों को प्रभावित करने के तर्क पर कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। 

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MP: No bail to MLA Rambai's husband in Devendra Chaurasia murder case, High Court dismissed the application
देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में विधायक रामबाई के पति को जमानत नहीं दी गई। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दमोह हटा के बहुचर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी गोविंद सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोपी गोविंद विधायक रामबाई का पति है, जिस पर उक्त हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है। जस्टिस अंजुली पालो की अदालत ने शासन व आपत्तिकर्ता की ओर से दी गई दलीलों से सहमत होते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में हटा थानातंर्गत गौपुरा हिरदेपुर में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते देवेन्द्र चौरसिया की हत्या कर दी गई थी, वहीं सोमेश को गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं। उक्त मामले में पुलिस ने विधायक पति गोविंद सिंह सहित आधा दर्जन से अधिक आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जिस पर गोविंद सिंह की ओर से जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। 
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मामले में शासन व आपत्तिकर्ताओं की ओर से बताया गाय कि मामले के सह आरोपी चंदू उर्फ कौशलेन्द्र सिंह की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इतना ही नहीं आरोपी गोविंद सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की थी, जो कि वापस ले ली गई और उक्त तथ्य को छिपाकर यह अर्जी दायर की गई है। इसके अलावा आरोपी एक अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। इसके खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीन हत्या के मामलों में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। ऐसे में यदि उसे जमानत का लाभ दिया गया तो साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। 
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सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी व आपत्तिकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने पक्ष रखा।
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