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Jabalpur: सरकारी यूरिया दिया प्राइवेट व्यापारियों को, प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट, प्रकरण दर्ज
Fri, 09 Sep 2022 08:54 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 09 Sep 2022 08:54 PM IST
सार
चार जिलों के वितरण के लिए यूरिया में से 1020 मीट्रिक टन यूरिया गायब होने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। कृषि विभाग तथा विपणन संघ की टीम ने शुक्रवार को एक वेयरहाउस में दबिश देकर 80 मीट्रिक टन यूरिया बरामद कर लिया है।
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FIR
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के चार जिलों के वितरण के लिए यूरिया में से 1020 मीट्रिक टन यूरिया गायब होने की घटना से भोपाल तक में हड़कंप मच गया था। कृषि विभाग तथा विपणन संघ की टीम ने शुक्रवार को एक वेयरहाउस में दबिश देकर 80 मीट्रिक टन यूरिया बरामद कर लिया है। कई लोगों पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।
किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के संयुक्त संचालक केएस नेताम ने बताया कि 25 अगस्त को श्याम कंपनी की 2642 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आई थी। जिसमें से 70 प्रतिशत यूरिया का कोटा सरकार का था। सरकारी कोटे के यूरिया की सप्लाई जबलपुर सहित मंडला, डिंडौरी, दमोह तथा सिवनी जिले में की जानी थी। इन जिलों में सिर्फ 833 मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई गई। जो निर्धारित मात्रा से 1020 मीट्रिक टन कम था। जांच में यह बात सामने आई है कि कंपनी को सिर्फ 30 प्रतिशत यूरिया की सप्लाई प्राइवेट क्षेत्र में करनी थी। कंपनी ने सरकारी कोटे का वितरण भी प्राइवेट क्षेत्र में कर दिया है। इस संबंध में जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी दी गई है। कंपनी के अधिकृत डीलर एव टांसपोर्टर द्वारा यूरिया को जहां भेजा जाना था उसके स्थान पर वेयर हाउस में सप्लाई कर दिया।
विपणन अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ग्राम आरछा स्थित गायत्री वेयर हाउस में दबिश देकर 80 मीट्रिक टन तथा खजरी खिरिया स्थित लक्ष्मी वेयर हाउस से 49 मीटिक टन यूरिया बरामद किया गया है। सरकारी कोटे का यूरिया का वितरण करने पर कंपनी कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड के मार्केटिंग डायरेक्टर राजेन्द्र चौधरी, टांसपोर्टर डीपीएमके फर्टिलाइजर के द्वारिका गुप्ता, रैक हैंडलर के स्टेट मैनेजर जयप्रकाशसिंह एव अन्य के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, आईपीसी की धारा 409, 34 तथा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
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किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के संयुक्त संचालक केएस नेताम ने बताया कि 25 अगस्त को श्याम कंपनी की 2642 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आई थी। जिसमें से 70 प्रतिशत यूरिया का कोटा सरकार का था। सरकारी कोटे के यूरिया की सप्लाई जबलपुर सहित मंडला, डिंडौरी, दमोह तथा सिवनी जिले में की जानी थी। इन जिलों में सिर्फ 833 मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई गई। जो निर्धारित मात्रा से 1020 मीट्रिक टन कम था। जांच में यह बात सामने आई है कि कंपनी को सिर्फ 30 प्रतिशत यूरिया की सप्लाई प्राइवेट क्षेत्र में करनी थी। कंपनी ने सरकारी कोटे का वितरण भी प्राइवेट क्षेत्र में कर दिया है। इस संबंध में जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी दी गई है। कंपनी के अधिकृत डीलर एव टांसपोर्टर द्वारा यूरिया को जहां भेजा जाना था उसके स्थान पर वेयर हाउस में सप्लाई कर दिया।
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विपणन अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ग्राम आरछा स्थित गायत्री वेयर हाउस में दबिश देकर 80 मीट्रिक टन तथा खजरी खिरिया स्थित लक्ष्मी वेयर हाउस से 49 मीटिक टन यूरिया बरामद किया गया है। सरकारी कोटे का यूरिया का वितरण करने पर कंपनी कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड के मार्केटिंग डायरेक्टर राजेन्द्र चौधरी, टांसपोर्टर डीपीएमके फर्टिलाइजर के द्वारिका गुप्ता, रैक हैंडलर के स्टेट मैनेजर जयप्रकाशसिंह एव अन्य के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, आईपीसी की धारा 409, 34 तथा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
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