{"_id":"697612260ba93bcef508807b","slug":"cruelty-must-be-proved-for-dowry-demand-jabalpur-news-c-1-1-noi1229-3880326-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur News: दहेज मांग के लिए क्रूरता साबित करना जरूरी, आरोपी की दोषमुक्ति बरकरार, सरकार की अपील खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur News: दहेज मांग के लिए क्रूरता साबित करना जरूरी, आरोपी की दोषमुक्ति बरकरार, सरकार की अपील खारिज
Sun, 25 Jan 2026 10:24 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 10:24 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज हत्या के मामलों में दहेज मांग से जुड़ी क्रूरता साबित होना जरूरी है। सबूतों के अभाव में आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती। इसी आधार पर कोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर आरोपी की दोषमुक्ति बरकरार रखी।
विज्ञापन
मप्र हाईकोर्ट
विस्तार
दहेज हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने स्पष्ट किया है कि दहेज की मांग से जुड़ी क्रूरता को साबित किए बिना आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने इसी आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की युगलपीठ, जिसमें जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस बी.पी. शर्मा शामिल थे, ने कहा कि यदि अभियोजन पक्ष के गवाह दहेज या उससे संबंधित क्रूरता साबित करने में असफल रहते हैं, तो आरोपी को दंडित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने माना कि दहेज हत्या जैसे गंभीर आरोपों में साक्ष्यों का ठोस होना अनिवार्य है।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने डिंडौरी जिला न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें आरोपी पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी एवं 498-ए के तहत दोषमुक्त किया गया था। अभियोजन के अनुसार, सुनीला ने जून 2020 में रणजीत सिंह से प्रेम विवाह किया था। विवाह के एक वर्ष के भीतर पति से कथित विवाद के बाद 29 अप्रैल 2021 को उसने आत्महत्या के प्रयास में स्वयं को आग लगा ली थी। उपचार के दौरान अगले दिन उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चालान प्रस्तुत किया था, लेकिन डिंडौरी जिला न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- बड़वानी में खंडवा-वडोदरा नेशनल हाईवे धंसा, एमपी-गुजरात को जोड़ने वाले मार्ग पर घंटों ठप रहा ट्रैफिक
हाईकोर्ट ने मामले के पुनः अवलोकन में पाया कि अभियोजन पक्ष की गवाह एवं मृतिका की बहन ने स्वीकार किया कि विवाह प्रेम विवाह था और आरोपी की ओर से किसी प्रकार की दहेज मांग नहीं की गई थी। ससुराल पक्ष द्वारा आरोपी को ऑटो सुधारने के लिए 16 हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई, जिसे दहेज नहीं माना जा सकता।
मृतिका की मां ने भी अपने बयान में बताया कि सुनीला विवाह से पूर्व लगभग नौ माह तक आरोपी के साथ प्रेम संबंध में थी। प्रारंभ में वह विवाह से असहमत थी, लेकिन बाद में उसने सहमति दे दी थी। वहीं मृतिका के भाई ने बयान में कहा कि वह नौकरी के कारण भोपाल में था और विवाह में शामिल नहीं हो सका। उसने यह भी स्वीकार किया कि विवाह के बाद किसी भी विवाद को लेकर न तो समाज की पंचायत बुलाई गई और न ही पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई गई।
न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मृत्यु का कारण हार्ट फेलियर बताया गया है। युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि जब अभियोजन पक्ष दहेज अथवा उससे जुड़ी क्रूरता को प्रमाणित करने में विफल रहा, तो जिला न्यायालय द्वारा दिया गया दोषमुक्ति का निर्णय सही है। इन्हीं कारणों से हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
