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जबलपुर: भौतिक सत्यापन किए बिना दी गई निजी अस्पताल संचालन की अनुमति, हाईकोर्ट ने दिया जवाब पेश करने का अंतिम अवसर

Wed, 23 Mar 2022 09:04 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 23 Mar 2022 09:04 PM IST
सार

जबलपुर में नियम विरुद्ध तरीके से प्राइवेट अस्पताल को संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। कोरोना काल में 65 निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई है। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। 

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Jabalpur: Permission to operate private hospital given without physical verification, High Court gave last opportunity to present answer
Jabalpur High Court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर शहर में बिना भौतिक सत्यापन के बड़े पैमाने पर निजी अस्पतालों को संचालन की स्वीकृति दिए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि कोरोना काल में गत तीन साल में 65 निजी अस्पतालों को नियम विरुद्ध तरीके से संचालन की अनुमति दी गई है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने सरकार को जवाब पेश करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान करते हुए अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।
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लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विशाल बघेल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि जबलपुर में नियम विरुद्ध तरीके से प्राइवेट अस्पताल को संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। कोरोना काल में 65 निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई है। जिन अस्पतालों को अनुमति दी गई है उन्होंने फायर सिक्योरिटी के नियमों का पालन नहीं किया है। नगर निगम में जमीन के उपयोग का उददेश्य दूसरा होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति दी गई है। बिल्डिंग का कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र भी नहीं है।
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याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि भौतिक सत्यापन किए बिना अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। अस्पतलों के मेडिकल व पैरामेडिकल सहित अन्य स्टाफ की जांच तक नहीं की गई है। याचिका में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, डायरेक्टर हेल्थ सर्विस, रीजनल डायरेक्टर हेल्थ सर्विस, मेयर नगर निगम को पक्षकार बनाया गया है। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया था।
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