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जबलपुर: निरस्त नियमों के अनुसार जारी किए गए PSC 2019 के रिजल्ट पर हाईकोर्ट सख्त, नोटिस जारी कर सरकार से मांगा जवाब

Sat, 05 Feb 2022 10:54 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sat, 05 Feb 2022 10:54 AM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निरस्त नियमों के आधार पर पीएससी 2019 का रिजल्ट जारी किए जाने पर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी।

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Jabalpur: High court strict on the results of PSC 2019 issued according to the repealed rules, issued notice and sought response from the government
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निरस्त नियमों के आधार पर पीएससी रिजल्ट जारी किए जाने पर अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में पीएससी के संशोधित नियमों के अनुसार 2019 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित किए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गयी थी। 
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जस्टिस पी के कौरव ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। याचिका पर अगली सुनवाई 8 फरवरी को निर्धारित की गयी है।
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मस्तराम व अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि मध्य प्रदेश राज्य परीक्षा नियम 2015 में 17 फरवरी 2020 को  संशोधन किया गया था। संशोधित नियम आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यार्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते थे। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने नवम्बर 2019 के राज्य सेवा एवं वन सेवा में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया था। प्रारंभिक परीक्षा जनवरी 2020 में आयोजित की गई। 21 दिसंबर 2020 को संशोधित नियमानुसार रिजल्ट जारी किया गए। जिसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के लिए 27 और एसटी-एससी वर्ग के लिए क्रमश: 16 से 20 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया। 
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इस तरह पीएससी द्वारा 113 फीसदी आरक्षण लागू किया गया। अनारक्षित वर्ग में सिर्फ अनारक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों को ही रखा गया जबकि पुराने नियम के अनुसार अनारक्षित वर्ग में आरक्षित एवं अनारक्षित वर्ग के प्रतिभावान छात्रों का ही चयन किया जाता था।


याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि आरक्षण के नियमों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में 45 याचिकाएं दायर की गयी थी, जिसकी सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से नियम निरस्त किए जाने की जानकारी हाईकोर्ट में दिसम्बर 2021 में पेश की गयी थी। नियम निरस्त होने के बावजूद भी पीएससी मुख्य परीक्षा 2019 का रिजल्ट 31 दिसम्बर 2021 को जारी कर दिया गया। याचिका में मांग की गयी थी कि पुराने नियमों के अनुसार प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के रिजल्ट घोषित किए जाएं। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नोटिस जारी कर अनावेदकों से जवाब मांगा है। 
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