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Jabalpur High Court: आदेश के बावजूद डीन ने प्रस्तुत नहीं किया हलफनामा, हाईकोर्ट ने लगाई भर्ती पर रोक

Fri, 24 Dec 2021 06:14 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 24 Dec 2021 06:14 PM IST
सार

हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में सहायक प्रध्यापक पद की नियुक्ति पर आगामी सनुवाई तक रोक लगा दी है। एकलपीठ ने कहा है कि डीन की उदासीनता के कारण ये निर्णय लिया जा रहा है। 

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Jabalpur High Court: Despite the order, the Dean did not submit the affidavit, the High Court banned the recruitment
Jabalpur High Court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में सहायक प्रध्यापक पद की नियुक्ति पर आगामी सनुवाई तक रोक लगा दी है। एकलपीठ ने कहा है कि डीन की उदासीनता के कारण ये निर्णय लिया जा रहा है। आदेश के बाद भी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज डीन ने हाईकोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत नहीं किया।

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जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता डॉ. गौरव तिवारी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि चिकित्सा अधिकारी के पदों में नियुक्ति के लिए बुंदेलखंड विश्व विद्यालय ने आवेदन आमंत्रित किए थे। फॉरेंसिक मेडीसिन विभाग में एक पद के लिए भी आवेदन बुलाए गए थे। याचिकाकर्ता अगस्त 2018 से रेसीडेन्सी डॉक्टर के तौर पर कार्य कर रहा है। इस पद के लिए उसके अलावा अनावेदक डॉ. संजय जैन ने आवेदन किया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जैन के आवेदन में अनुभव सहित अन्य योग्यताओं की कमी थी। जबकि मेरे पास पर्याप्त योग्यता थी, बावजूद नौकरी प्रदान नहीं की गई।

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मेडिकल कॉलेज ने इंटरव्यूह रद्द करते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन को दिशा-निर्देश प्राप्त करने एक पत्र लिख दिया। जिसमें कहा गया है कि उक्त पद के लिए सिर्फ दो आवेदन आए थे, जिसमें से एक उम्मीदवार के आवेदन में कमी है। याचिका में डीन पर पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने इस संबंध में डीन को हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए थे। आदेश के बावजूद हलफनामा पेश नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की। 

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