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Ram: राम मंदिर कार्यक्रम के दिन बच्चों को जन्म देना चाहती हैं महिलाएं, डॉक्टरों के पास सिजेरियन की रिक्वेस्ट
Tue, 16 Jan 2024 01:34 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 16 Jan 2024 01:34 PM IST
सार
गर्भवती महिलाओं का मानना है कि 22 जनवरी को शुभ मुहूर्त में बच्चों को जन्म देने से उनका भविष्य उज्जवल हो जाएगा। इसी दिन सिजेरियन के लिए सरकारी अस्पतालों में भी आ रही रिक्वेस्ट।
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अयोध्या में राम मंदिर के आयोजन के दिन बच्चों को जन्म देने के लिए सिजेरियन का निवेदन कर रही महिलाएं।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर Ayodhya Ram Mandir का प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इस अवसर पर इंदौर की कई गर्भवती महिलाएं बच्चों को जन्म देना चाहती हैं। शहर के प्राइवेट अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों में भी स्त्री रोग विशेषज्ञों को गर्भवती महिलाओं से यह अनुरोध मिल रहे हैं। कई महिलाओं ने तो राम मंदिर के अभिषेक के 'मुहूर्त' में ही सी-सेक्शन करने पर जोर दिया है।
सरकारी पीसी सेठी अस्पताल में ही 60 महिलाओं की रिक्वेस्ट आई
सरकारी पीसी के प्रभारी डॉक्टर वीरेंद्र राजगीर ने बताया कि 22 जनवरी को प्रसव के लिए लगभग 60 गर्भवती महिलाओं ने अनुरोध किया है। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम होने से उन्होंने यह निवेदन किया है। हालांकि प्रसव के समय का निर्णय मां और बच्चे के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा क्योंकि हमारे लिए यही बात सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य नियमों के अनुसार देखा जाए तो इन महिलाओं की गर्भावस्था की शर्तें 22 जनवरी के आसपास ही समाप्त हो रही हैं लेकिन हम सभी बातों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेंगे।
मां का मानना है, शुभ मुहूर्त में जन्म लेने से बच्चे का भविष्य उज्जवल हो जाएगा
वहीं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर योगिता परिहार ने बताया कि शुभ मुहूर्त की वजह से महिलाएं यह निवेदन कर रही हैं। उन्हें लग रहा है कि इस दिन बच्चे के जन्म लेने से उसका भविष्य उज्जवल हो जाएगा। जिन महिलाओं की गर्भावस्था का समय इसी समय पूरा होने वाला है वह एक दो दिन आगे पीछे करके 22 जनवरी को सीजर करने के लिए निवेदन कर रही हैं। स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर अविनाश पटवारी ने कहा कि हमारे पास भी इस तरह के कुछ केस आए हैं। जिन महिलाओं के सामान्य प्रसव की संभावना है वे भी इस दिन सिजेरियन करवाने के लिए तैयार हैं। हम स्वास्थ्य कंडीशन देखने के बाद ही इस पर निर्णय लेंगे।
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सरकारी पीसी सेठी अस्पताल में ही 60 महिलाओं की रिक्वेस्ट आई
सरकारी पीसी के प्रभारी डॉक्टर वीरेंद्र राजगीर ने बताया कि 22 जनवरी को प्रसव के लिए लगभग 60 गर्भवती महिलाओं ने अनुरोध किया है। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम होने से उन्होंने यह निवेदन किया है। हालांकि प्रसव के समय का निर्णय मां और बच्चे के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा क्योंकि हमारे लिए यही बात सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य नियमों के अनुसार देखा जाए तो इन महिलाओं की गर्भावस्था की शर्तें 22 जनवरी के आसपास ही समाप्त हो रही हैं लेकिन हम सभी बातों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेंगे।
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मां का मानना है, शुभ मुहूर्त में जन्म लेने से बच्चे का भविष्य उज्जवल हो जाएगा
वहीं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर योगिता परिहार ने बताया कि शुभ मुहूर्त की वजह से महिलाएं यह निवेदन कर रही हैं। उन्हें लग रहा है कि इस दिन बच्चे के जन्म लेने से उसका भविष्य उज्जवल हो जाएगा। जिन महिलाओं की गर्भावस्था का समय इसी समय पूरा होने वाला है वह एक दो दिन आगे पीछे करके 22 जनवरी को सीजर करने के लिए निवेदन कर रही हैं। स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर अविनाश पटवारी ने कहा कि हमारे पास भी इस तरह के कुछ केस आए हैं। जिन महिलाओं के सामान्य प्रसव की संभावना है वे भी इस दिन सिजेरियन करवाने के लिए तैयार हैं। हम स्वास्थ्य कंडीशन देखने के बाद ही इस पर निर्णय लेंगे।
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