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Whatsapp और नए पुलिस कानूनः FIR के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं, बयान भी रिकार्ड करके भेज सकते हैं

Mon, 01 Jul 2024 09:45 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 01 Jul 2024 09:45 PM IST
सार

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 हुआ लागू, जन जागरूकता के लिए हुए हर थाने पर कार्यक्रम
 

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पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण हितिका वासल और डीआईजी रेंज इंदौर ग्रामीण निमिष अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर

विस्तार

आज एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गया है। इन कानूनों के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए शहर में कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीआईजी रेंज इंदौर ग्रामीण निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण हितिका वासल सहित उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय एवं जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा नए कानून एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई। 
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इंदौर जिले में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर नवीन आपराधिक कानून से लोगों को अवगत कराया गया। एक जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। इंडेक्स मेडिकल कालेज में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी निमिष अग्रवाल द्वारा मोबाइल फोन के जरिए व्हाट्सएप्प के माध्यम से समन तामिल करने, जघन्य अपराधों के घटनास्थल की वीडियोग्राफी संबंधित नए प्रावधानों की जानकारी साझा की गई। उनके द्वारा बताया गया की नए कानूनों से एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी। 
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घर जाकर बयान लेगी पुलिस
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हितिका वासल द्वारा जीरो पर एफआईआर, ई-एफआईआर एवं महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के संबंध में जोड़े गए नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया की नए कानून-प्रावधानों के तहत अब एफआईआर दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से थाना जाने की जरूरत नहीं होगी। महिलाओं, दिव्यांग एवं वृध्दजनों के बयान पुलिस उनकी सुविधा अनुसार घर जाकर ले सकेगी।  
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बयान के वीडियो बनेंगे
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय उमाकान्त चौधरी ने बताया कि अब दूरस्थ बैठे व्यक्ति को बयान देने के लिए थाने आने की जरूरत नहीं होगी। उनके बयान मोबाइल फोन के माध्यम से लिए जा सकेंगे। पुलिस द्वारा प्रत्यक्ष रूप से लिए गए बयानों की वीडियोग्राफी की जाएगी तथा मौके पर की जाने वाली जप्ती की कार्यवाही की भी वीडियोग्राफी की जाएगी। जिला लोक अभियोजन अधिकारी उदल सिंह मौर्य के द्वारा उद्घोषित अपराधियों की अनुपस्थिती में न्यायालय में सुनवाई करने, निर्धारित समय में ट्रायल पूर्ण करने तथा अंतिम आदेश पारित करने, भारत में अपराधों का भारत से बाहर दुष्प्रेरण, डाक्टर्स एवं मेडिकल के छात्र छात्राओं को मेडिको लीगल सर्टिफिकेट (MLC) एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM REPORT) में किए गए संशोधनों एवं नवीन प्रावधानों की जानकारी दी गई। 


अनुविभागीय पुलिस अधिकारी महू दिलीप चौधरी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सांवेर प्रशान्त भदौरिया एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी देपालपुर राहुल खरे के द्वाराअपने अनुभाग में तथा समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अपने -अपने थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम कर क्षेत्र के आम नागिरकों को नए कानून के संबंध में जानकारी देकर नागरिकों को जागरुक किया गया। सार्वजनिक स्थलों पर कार्टून, पोस्टर, बैनर्स लगाकर तथा लोगों के बीच जाकर पेंपलेट्स वितरित कर लोगों को नए कानून के संबंध में जानकारी दी गई। 
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