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Accident: रिसर्चर को ट्रक ने मारी टक्कर, गिरने के बाद भी नहीं रुका, कुचलता हुआ निकल गया
Sun, 23 Jul 2023 08:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 23 Jul 2023 08:30 PM IST
सार
दो दिन बाद डीएवीवी के लाइफ साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए इंटरव्यू देने वाली थी अश्लेषा
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अश्लेषा
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में सड़क हादसे ने फिर एक युवती की जान ले ली। हादसा सुखलिया स्थित बापट चौराहे के टैंपो स्टैंड पर हुआ। यहां पर तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने स्कूटर से जा रही युवती को टक्कर मार दी। युवती गिरी तब भी ट्रक रुका नहीं और उसे कुचलता हुआ निकल गया। अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर ट्रक को जब्त कर लिया है।
स्कीम नंबर 54 में रहने वाली अश्लेषा तानसेन होलकर पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) की लैब में शोध करती थी। 30 वर्षीय अश्लेषा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के लाइफ साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर इंटरव्यू देने के लिए इंदौर आई थी। रविवार सुबह वह श्रीराम एन्क्लेव में रहने वाले भाई रोहन के पास जरूरी दस्तावेज लेने गई थी। एमआर-10 से घर की तरफ जा रही थी तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने अश्लेषा के स्कूटर को टक्कर मार दी। अश्लेषा के गिरने के बाद भी ट्रक रुका नहीं और कुचलता हुआ आगे निकल गया। एक पहिया अश्लेषा के शरीर के ऊपर से निकल गया। राहगीरों ने उसके फोन से भाई को कॉल कर मौके पर बुलाया। उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मेट्रो के काम के बाद से लगातार बढ़े हादसे
बापट से लेकर एमआर 10 वाले रास्ते पर मेट्रो का काम शुरू होने के बाद से लगातार हादसे बढ़े हैं। कुछ दिन पहले टीसीएस की साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद में कलेक्टर ने ब्लैक स्पाट तय करने और हादसों का पता करने के लिए टीम बनाई थी लेकिन इसके बावजूद हादसे नहीं रुक रहे हैं। मेट्रो की वजह से मुख्य सड़कों पर वाहनों के निकलने के लिए आधा रास्ता ही बचा है और वहां पर भी गिट्टी, मिट्टी पड़ी रहती है। ट्रक और अन्य भारी वाहनों के बीच बाइक और अन्य वाहन चलते हैं जिससे हादसों का खतरा अधिक हो जाता है।
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स्कीम नंबर 54 में रहने वाली अश्लेषा तानसेन होलकर पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) की लैब में शोध करती थी। 30 वर्षीय अश्लेषा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के लाइफ साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर इंटरव्यू देने के लिए इंदौर आई थी। रविवार सुबह वह श्रीराम एन्क्लेव में रहने वाले भाई रोहन के पास जरूरी दस्तावेज लेने गई थी। एमआर-10 से घर की तरफ जा रही थी तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने अश्लेषा के स्कूटर को टक्कर मार दी। अश्लेषा के गिरने के बाद भी ट्रक रुका नहीं और कुचलता हुआ आगे निकल गया। एक पहिया अश्लेषा के शरीर के ऊपर से निकल गया। राहगीरों ने उसके फोन से भाई को कॉल कर मौके पर बुलाया। उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मेट्रो के काम के बाद से लगातार बढ़े हादसे
बापट से लेकर एमआर 10 वाले रास्ते पर मेट्रो का काम शुरू होने के बाद से लगातार हादसे बढ़े हैं। कुछ दिन पहले टीसीएस की साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद में कलेक्टर ने ब्लैक स्पाट तय करने और हादसों का पता करने के लिए टीम बनाई थी लेकिन इसके बावजूद हादसे नहीं रुक रहे हैं। मेट्रो की वजह से मुख्य सड़कों पर वाहनों के निकलने के लिए आधा रास्ता ही बचा है और वहां पर भी गिट्टी, मिट्टी पड़ी रहती है। ट्रक और अन्य भारी वाहनों के बीच बाइक और अन्य वाहन चलते हैं जिससे हादसों का खतरा अधिक हो जाता है।
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