Indore: नलों में आ रहे गंदे पानी के मुद्दे पर सम्मेलन में हंगामा, धरने पर बैठे कांग्रेस पार्षद
कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि जब नगर निगम करोड़ों रुपये जलप्रदाय के लिए खर्च कर रहा है तो फिर गंदा पानी नलों में क्यों आ रहा है। दूषित पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे है, लेकिन उनकी चिंता मेयर पुष्यमित्र भार्गव क्यों नहीं करते।
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इंदौर नगर निगम के विशेष सम्मेलन में गंदे पानी के मुद्दे पर कांग्रेस के पार्षदों ने खूब हंगामा किया। सम्मेलन में 31 प्रस्तावों पर चर्चा होना थी, लेकिन कांग्रेस पार्षद शहर को साफ पानी दो के नारे लगाने लगे। करीब आधे घंटे तक सम्मेलन में शोरगुल होता रहा और निगम सभापति मुन्नालाल यादव ने प्रश्नकाल कराए बगैर प्रस्ताव बहुमत के आधार पर पास करा दिए तो कांग्रेस पार्षद सभापति के सामने धरने पर बैठ गए और खूब नारेबाजी की। हंगामे के बीच ही सम्मेलन समाप्त हो गया।
कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि जब नगर निगम करोड़ों रुपये जलप्रदाय के लिए खर्च कर रहा है तो फिर गंदा पानी नलों में क्यों आ रहा है। दूषित पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे है, लेकिन उनकी चिंता मेयर पुष्यमित्र भार्गव क्यों नहीं करते।
गंदे पानी के अलावा नगर निगम हाॅल के बजाए निजी स्थान पर परिषद का सम्मेलन कराने पर भी कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति ली। सम्मेलन में पहले दिवंगत लोगो को श्रद्धाजंलि दी गई। फिर पांच मिनट के लिए बैठक स्थगित कर दी गई। इसके बाद फिर सदन शुरू हुआ तो कांग्रेस पार्षदों ने पुरजोर तरीके से गंदे पानी का मुद्दा उठाया।
मेयर बोले-कांग्रेस को शहर के विकास की चिंता नहीं
प्रस्तावों पर चर्चा के बगैर सम्मेलन समाप्त होने के मुद्दे पर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कांग्रेस को शहर के विकास की चिंता नहीं है। उनका मकसद सिर्फ हंगामा करना होता है। हमने प्रश्नोत्तर काल का समय भी रखा था, लेकिन कांग्रेस पार्षद विकास के मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहते।
नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि गंदा पानी नलों में आना शहर की बड़ी समस्या है, लेकिन इस पर मेयर बात नहीं करना चाहते। वे नगर निगम को संभाल नहीं पा रहे है। आर्थिक तंगी के कारण ठेकेदार नगर निगम के काम ही नहीं कर रहे है ।
