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Indore News: इंदौर में रुबेला का मामला आया सामने, जानिए क्या है लक्षण
Thu, 16 Feb 2023 08:12 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 16 Feb 2023 08:12 PM IST
सार
इंदौर में रुबेला के अलावा मीजल्स के भी पद्रंह मामले आए है और एक बच्चे की मौत हो गई है। इन सभी बच्चों को टीके नहीं लगे थे, इस कारण वे बीमारी का शिकार हुए है।
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इंदौर में रुबेला, मीजल्स के केस मिले।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
कोरोनाकाल में टीकाकरण कार्य प्रभावित होने का असर अब सामने आ रहा है। शहर में ऐसी बीमारियों के मामले सामने आ रहे है, जो पहले नहीं आते थे। खजराना क्षेत्र के रुबेला का केस आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे की हालत ठीक है और उसे दवाएं भी दी गई है।
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रुबेला के अलावा मीजल्स के भी पद्रंह मामले आए है और एक बच्चे की मौत हो गई है। इन सभी बच्चों को टीके नहीं लगे थे, इस कारण वे बीमारी का शिकार हुए है। गुरुवार को टास्क फोर्स समिति की बैठक में भी इन बीमारियों का मुद्दा उठा है और स्वास्थ्य विभाग ने दल बनाकर उन इलाकों में भेजा है, जहां रोगी मिले है।
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खजराना, चंदन नगर क्षेत्र में मिले केस
अभी तक शहर में १५ बच्चों में मीजल्स पाया गया है। यह बच्चे खजराना, चंदन नगर क्षेत्र के है। जिस बच्चे में रुबेला बीमारी मिली है, वह भी खजराना क्षेत्र का है। मीजल्स से एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। उसे मीजल्स के दोनो टीके नहीं लगे थे। उसे मस्तिष्क का बुखार हुआ था। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई।
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तेज बुखार और शरीर पर दाने दिखना है लक्षण
टीकाकरण अधिकारी डॉ. तरुण गुुप्ता ने बताया कि रुबेला और मीजल्स के लक्षण तेज बुखार और शरीर पर दाने आना है। इस तरह के लक्षण दिखे तो बच्चों को शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर इलाज कराए। बीमारी से बचाव के लिए विटामिन ए की टेबलेट्स दी जाती है। इस बीमारी से बचाव का एक मात्र इलाज टीके लगाना है। जिन बच्चे टीके लगाने से वंचित रहे है, उन्हें माता-पिता टीके जरुर लगाए।
