Bharat Jodo Yatra: दो दिन राहुल गांधी साथ देकर दिल्ली लौटीं प्रियंका, धक्का-मुक्की में गिरे दिग्विजय सिंह
भारत जोड़ो यात्रा के मध्य प्रदेश पहुंचने के बाद दो दिन राहुल गांधी का साथ प्रियंका गाधी ने दिया। अब वे दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। वे खंडवा जिले में यात्रा में शामिल हुई थी। दो दिन में राहुल गांधी के साथ उन्होंने 45 किलोमीटर का सफर तय किया।
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प्रियंका गांधी वाड्रा दो दिन तक राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई और शनिवार सुबह दिल्ली रवाना हो गईं। पहले बताया जा रहा था कि वह चार दिन मध्यप्रदेश में रहेंगी। फिर अचानक कार्यक्रम बदला और शनिवार सुबह प्रियंका अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
मोरटक्का पुल से आगे बढ़कर राहुल गांधी बड़वाह के आगे एक ढाबे पर टी ब्रेक के लिए रुके। मोरटक्का से यहां तक प्रियंका अपने भाई के साथ पैदल चली। चाय पीने के बाद प्रियंंका ने राहुल से विदाई ली फिर यहां से वह पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान के साथ गाड़ी में सवार होकर इंदौर लौट आई। विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गई। पहले प्रियंका उज्जैन की रैली में शामिल होने वाली थी लेकिन वह खंडवा जिले में यात्रा का हिस्सा बनी। हालांकि, उन्होंने दो दिन की यात्रा के दौरान किसी भी तरह के राजनीतिक बयान नहीं दिए।
हम साथ-साथ हैं का संदेश
राहुल के साथ शुक्रवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी गई थी। यहां राहुल और प्रियंका ने एक साथ पूजा कर पूरे परिवार के एक साथ होने और कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ बढ़ते झुकाव का संदेश दिया। पूरी यात्रा में प्रियंका ने कोई राजनीतिक बयान नहीं दिए और न ही राहुल के साथ मंच साझा किया। प्रियंका ने ओंकारेश्वर में सिर्फ इतना ही कहा था कि पूरे परिवार के साथ नर्मदा दर्शन करना उन्हें बहुत अच्छा लगा।
सड़क पर गिरे दिग्विजय
सुबह मोरटक्का से बलवाड़ा के लिए यात्रा रवाना हुई तो रास्ते में राहुल टी ब्रेक के लिए रुके। यहां राहुल के करीब जाने के लिए कार्यकर्ता आगे आने की कोशिश कर रहे थे। दिग्विजय सिंह कार्यकर्ताओं को दूर कर रहे थे। तभी दिग्विजय सिंह का संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर गए। हालांकि, उन्हें कोई चोट नहीं आई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह अब तक चार बार जमीन पर गिर चुके हैं। हालांकि, वे मध्य प्रदेश में पहली बार गिरे हैं और इसका कारण राज्य की भी खराब सड़कें हैं।" जयराम दावा किया, "मध्य प्रदेश की सड़कें जानलेवा सड़कें हैं और वाशिंगटन डीसी की सड़कों से बेहतर नहीं हैं। मैंने राज्य में खराब सड़कों के कारण खुद को तीन बार गिरने से बचाया है।"
