Indore:डिलेवरी के दौरान शिशु निकालने में लापरवाही, मासूम की आंख खराब होने पर केस दर्ज
डिलीवरी के दौरान डाक्टरों ने हाथ डालकर बच्चे को बाहर खींचने की कोशिश की। इसके बाद बच्चे की आंख में चोट आई। आंख के इलाज में भी डाक्टरों ने लापरवाही बरती और आंख में इंफेक्शन हो गया।
विस्तार
डिलीवरी के दौरान बच्चे को गर्भ से निकालने में हुई लापरवाही की कीमत एक शिशु को अपनी एक आंख गंवा कर चुकाना पड़ी। अस्पताल और डाक्टरों की लापरवाही की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।
मामला छह माह पहले का है। चंदन नगर क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद उमर की पत्नी मंजिला मंसूरी को गर्भवती थी। 9 माह पूरे होने के बाद पंढरीनाथ के सेवालय अस्पताल मेें उमर पत्नी को लेकर पहुंचे। डिलीवरी के दौरान डाक्टरों ने हाथ डालकर बच्चे को बाहर खींचने की कोशिश की।
इसके बाद बच्चे की आंख में चोट आई। आंख के इलाज में भी डाक्टरों ने लापरवाही बरती और आंख में इंफेक्शन हो गया। आखिरकार बच्चे की एक आंख खराब हो गई। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को शिकायत की गई थी। जांच के बाद सेवालय अस्पताल के संचालक विशाल डबकरा और डॉक्टर फरहाना के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आंख खराब होने के बाद परिजनों ने लापरवाही की बात कही तो अस्पताल के डाक्टरों ने मामला दबाने की कोशिश की थी।
इलाज में पांच लाख खर्च
परिजनों ने मासूम के आंख के इलाज में पांच लाख रुपये से ज्यादा की राशि खर्च चुके है, लेकिन आंख ठीक नहीं हुई। बच्चा छह माह का हो चुका है। परिजनों को मुआवजा भी नहीं मिला है।
