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MPPSC: एमपीपीएससी आंदोलन करने वालों को पुलिस ने पकड़ा, मोबाइल भी बंद
Wed, 01 Jan 2025 05:28 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 01 Jan 2025 05:28 PM IST
सार
MPPSC: छात्रों ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो डालकर बताया कि राधे जाट और रंजीत सर को पुलिस ने पकड़ लिया है। डीडी पार्क में स्टूडेंट्स के साथ मीटिंग करने वाले थे लीडर्स, पहले ही आ गई पुलिस।
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छात्रों को पुलिस ने घर से पकड़ा।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
इंदौर में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के दो वरिष्ठ सदस्यों को पुलिस द्वारा उनके घर से हिरासत में लिए जाने की घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। बुधवार को ये सदस्य, राधे जाट और रंजीत, डीडी पार्क में एक मीटिंग आयोजित करने वाले थे, जिसमें एमपीपीएससी MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) की भर्तियों में कम पदों की संख्या और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी थी लेकिन मीटिंग से पहले ही, पुलिस ने उन्हें उनके घर से ले जाकर मीटिंग को रोक दिया।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
घटना की जानकारी मिलते ही NEYU ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार की कार्यवाही की आलोचना करते हुए लिखा, "मध्यप्रदेश सरकार की तानाशाही देखिए, अब मीटिंग भी नहीं करने दे रहे।" ट्वीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं को टैग करते हुए यूनियन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सीएम ने कहा था भर्तियां अधिक निकलेंगी
इससे पहले, यूनियन ने एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर चार दिन तक धरना प्रदर्शन किया था, जिसमें विभिन्न मांगें रखी गई थीं। आंदोलन में पांच हजार से अधिक छात्र दिन रात धरने पर बैठे थे। सीएम मोहन यादव से मुलाकात के बाद मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, यूनियन के अनुसार, भर्तियों में कम पदों की संख्या और अन्य मुद्दों को लेकर असंतोष बना हुआ है। छात्रों ने कहा सीएम ने 500 भर्तियां निकालने का आश्वासन दिया था लेकिन 158 भर्तियां ही निकली। इसी सिलसिले में मीटिंग रखी गई थी।
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आगे की कार्रवाई
यूनियन के सदस्य अब वकील के साथ संबंधित पुलिस थाने पहुंचने की योजना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्र फिर से एक दूसरे को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक दोनों छात्रों की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके विषय में छात्र लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
सरकार और पुलिस का पक्ष
घटना के संबंध में अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यूनियन के आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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सोशल मीडिया पर दी जानकारी
घटना की जानकारी मिलते ही NEYU ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार की कार्यवाही की आलोचना करते हुए लिखा, "मध्यप्रदेश सरकार की तानाशाही देखिए, अब मीटिंग भी नहीं करने दे रहे।" ट्वीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं को टैग करते हुए यूनियन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
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सीएम ने कहा था भर्तियां अधिक निकलेंगी
इससे पहले, यूनियन ने एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर चार दिन तक धरना प्रदर्शन किया था, जिसमें विभिन्न मांगें रखी गई थीं। आंदोलन में पांच हजार से अधिक छात्र दिन रात धरने पर बैठे थे। सीएम मोहन यादव से मुलाकात के बाद मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, यूनियन के अनुसार, भर्तियों में कम पदों की संख्या और अन्य मुद्दों को लेकर असंतोष बना हुआ है। छात्रों ने कहा सीएम ने 500 भर्तियां निकालने का आश्वासन दिया था लेकिन 158 भर्तियां ही निकली। इसी सिलसिले में मीटिंग रखी गई थी।
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आगे की कार्रवाई
यूनियन के सदस्य अब वकील के साथ संबंधित पुलिस थाने पहुंचने की योजना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्र फिर से एक दूसरे को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक दोनों छात्रों की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके विषय में छात्र लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
सरकार और पुलिस का पक्ष
घटना के संबंध में अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यूनियन के आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।
