{"_id":"65c75c760bf20c606207ea5d","slug":"mppsc-mains-dates-2024-students-strike-2024-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"MPPSC: मुख्य परीक्षा आगे बढ़ सकती है, सोमवार को हो सकती है नई तारीखों की घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MPPSC: मुख्य परीक्षा आगे बढ़ सकती है, सोमवार को हो सकती है नई तारीखों की घोषणा
Sat, 10 Feb 2024 06:53 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 10 Feb 2024 06:53 PM IST
सार
Students Protest against MPPSC in Indore: सोमवार को एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा हो सकती है। छात्रों ने इस बार 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं। सूत्रों के मुताबिक उनमें से भी कुछ मांगों पर सहमति बन सकती है।
विज्ञापन
एमपीपीएससी स्टूडेंट्स
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2023 की तारीख आगे बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को इसकी घोषणा हो सकती है। इससे पहले छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरने के संबंध में जिला प्रशासन से लेकर पुलिस तक से अनुमति मांगी। बताया जा रहा है कि छात्रों ने इस बार 11 सूत्रीय मांगे रखी हैं जिसमें नेगेटिव मार्किंग शुरू करने की भी मांग शामिल है। मप्र लोक सेवा आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सोमवार को इस पर अंतिम निर्णय संभावित है। सोमवार को ही छात्रों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
नेगेटिव मार्किंग से कम होगा कटआफ
अभ्यर्थियों के मुताबिक नेगेटिव मार्किंग से पढ़ने वाले अभ्यर्थियों को फायदा होगा क्योंकि कोई भी बिना सोचे-समझे प्रश्नों का जवाब नहीं दे सकेंगे। इससे कटआफ भी कम रहेगा। छात्रों ने कहा कि यूपीएससी और अन्य राज्यों की परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग रहती है लेकिन प्रदेश में यह व्यवस्था लागू नहीं है। इसके लिए अब राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 से नेगेटिव मार्किंग शुरू करने की मांग रखी है।
क्या है मामला
एमपीपीएससी के छात्र मांग कर रहे थे कि मुख्य परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाया जाए क्योंकि प्री के रिजल्ट आने के बाद 45 दिन में ही मुख्य परीक्षा रख दी गई थी। इससे छात्रों को तैयारी करने का समय नहीं मिल पा रहा था। प्री का रिजल्ट 18 जनवरी को जारी किया गया था और मुख्य परीक्षा 11 मार्च से होना है। छात्रों का कहना था कि इतने कम समय में तैयारी नहीं हो सकती। इसे लेकर छात्रों ने एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर दो दिन तक धरना भी दिया और इसके बाद प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दे दिया था। बताया जा रहा है कि कई बैठकों के बाद मुख्य परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की बात पर सहमित बन गई है। सोमवार को नई तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेगेटिव मार्किंग से कम होगा कटआफ
अभ्यर्थियों के मुताबिक नेगेटिव मार्किंग से पढ़ने वाले अभ्यर्थियों को फायदा होगा क्योंकि कोई भी बिना सोचे-समझे प्रश्नों का जवाब नहीं दे सकेंगे। इससे कटआफ भी कम रहेगा। छात्रों ने कहा कि यूपीएससी और अन्य राज्यों की परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग रहती है लेकिन प्रदेश में यह व्यवस्था लागू नहीं है। इसके लिए अब राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 से नेगेटिव मार्किंग शुरू करने की मांग रखी है।
विज्ञापन
क्या है मामला
एमपीपीएससी के छात्र मांग कर रहे थे कि मुख्य परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाया जाए क्योंकि प्री के रिजल्ट आने के बाद 45 दिन में ही मुख्य परीक्षा रख दी गई थी। इससे छात्रों को तैयारी करने का समय नहीं मिल पा रहा था। प्री का रिजल्ट 18 जनवरी को जारी किया गया था और मुख्य परीक्षा 11 मार्च से होना है। छात्रों का कहना था कि इतने कम समय में तैयारी नहीं हो सकती। इसे लेकर छात्रों ने एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर दो दिन तक धरना भी दिया और इसके बाद प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दे दिया था। बताया जा रहा है कि कई बैठकों के बाद मुख्य परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की बात पर सहमित बन गई है। सोमवार को नई तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
विज्ञापन
