{"_id":"6728c6f19711698d6f05fc21","slug":"mp-weather-aqi-indore-bhopal-gwalior-sagar-jabalpur-pachmarhi-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Weather Aqi: पूरे प्रदेश में पैर पसार रही ठंड, पचमढ़ी सबसे ठंडा, इंदौर भोपाल में भी बदला मौसम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Weather Aqi: पूरे प्रदेश में पैर पसार रही ठंड, पचमढ़ी सबसे ठंडा, इंदौर भोपाल में भी बदला मौसम
Mon, 04 Nov 2024 06:36 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 04 Nov 2024 06:36 PM IST
सार
MP Weather Aqi: इस बार नवंबर के महीने में बारिश की संभावना नहीं है, लो प्रेशर एरिया के कारण कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं और बूंदाबांदी की स्थिति भी बन सकती है।
विज्ञापन
MP Weather Update
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
मध्यप्रदेश में सर्दी का असर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है और ठंडक का अनुभव होने लगा है। राज्य के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। अक्टूबर के बाद नवंबर में भी यहां दिन और रात का तापमान न्यूनतम बना हुआ है। रविवार को पचमढ़ी का तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इससे पहले 15 डिग्री से भी कम था। इस क्षेत्र में सर्दियों के इस शुरुआती प्रभाव से ठिठुरन बढ़ने लगी है और स्थानीय लोग सर्दियों की तैयारियों में जुट गए हैं। इसी प्रकार ग्वालियर और चंबल जैसे क्षेत्र भी ठंड से अछूते नहीं रहे हैं और वहां भी रात के समय ठंडक महसूस की जा रही है।
नवंबर में बारिश की संभावना काफी कम
मौसम विभाग के अनुसार इस बार नवंबर में बारिश की संभावना काफी कम है। मध्यप्रदेश में सामान्यतः नवंबर में ठंड के साथ-साथ हल्की बारिश का भी एक ट्रेंड देखा जाता है लेकिन इस बार इसके कम होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में सिस्टम की गतिविधि कम रहने के कारण बारिश की संभावना घट गई हैं। हालांकि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के कारण कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं और बूंदाबांदी की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे नवंबर में मध्यप्रदेश में औसत बारिश केवल आधा इंच ही होती है। इसके बावजूद, यह वर्षा राज्य के कुछ इलाकों में ठंडक को और अधिक बढ़ा सकती है।
इंदौर में 371 भोपाल में 342 एक्यूआई
वायु प्रदूषण की बात करें तो इसमें भी हालात सुधर नहीं रहे हैं। ठंड आने और कोहरा छाने से वायुमंडल में धूल के कण अधिक देर तक जमे रहेंगे। इस स्थिति में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इंदौर और भोपाल का एक्यूआई लगातार 300 के पार बना हुआ है। सोमवार को इंदौर का एक्यूआई 371 और भोपाल का 342 तक पहुंचा। जो खरतनाक स्तर माना जाता है।
विज्ञापन
पूरे राज्य में अपने पैर पसार रही है ठंड
इस बार ठंड के शुरुआती दिनों में ही कई शहरों में तापमान गिरता दिख रहा है। रविवार को मंडला और रीवा जैसे शहरों में हाल ही में रात का तापमान क्रमशः 15 और 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उमरिया में यह 15.8 डिग्री, राजगढ़ में 16.4 डिग्री, नौगांव में 16.6 डिग्री और जबलपुर में 16.8 डिग्री सेल्सियस था। अन्य स्थानों जैसे सतना, मलाजखंड, बैतूल, टीकमगढ़, रायसेन, भोपाल और ग्वालियर में भी रात का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर जैसे छिंदवाड़ा में 18 डिग्री, उज्जैन में 18.4 डिग्री, इंदौर-गुना में 19.2 डिग्री, और रतलाम-सिवनी में 19.6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि ठंड धीरे-धीरे पूरे राज्य में अपने पैर पसार रही है।
15 नवंबर के बाद ठंडक का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में ठंड के और बढ़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। विभाग का कहना है कि 15 नवंबर के बाद ठंडक का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। पिछले 10 वर्षों का ट्रेंड देखा जाए तो इस समय ठंडक बढ़ने का सिलसिला देखा गया है। हालांकि, दिन के समय हल्की गर्मी का एहसास दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी और यह 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है। उत्तरी हवाओं के चलने से भी तापमान में गिरावट का असर महसूस होगा, जो ठंड को और अधिक बढ़ा देगा।
इंदौर का अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में सर्दी का एक खास ट्रेंड देखा जाता है। भोपाल में नवंबर महीने के दौरान रात का तापमान सामान्यतः 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो भोपाल में नवंबर के महीने में तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। यह रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इसी प्रकार इंदौर में ठंड का असर खासकर दूसरे सप्ताह से दिखने लगता है, जब रात का तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच पहुंच जाता है। इंदौर का न्यूनतम तापमान 25 नवंबर 1938 को 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है।
सामान्य मौसम इस तरह रहेगा
नवंबर में आमतौर पर दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है। राज्य में ठंड बढ़ने के साथ ही लोग सर्दियों की तैयारियों में जुट गए हैं। टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री के बीच रहता है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है।
विज्ञापन
नवंबर में बारिश की संभावना काफी कम
मौसम विभाग के अनुसार इस बार नवंबर में बारिश की संभावना काफी कम है। मध्यप्रदेश में सामान्यतः नवंबर में ठंड के साथ-साथ हल्की बारिश का भी एक ट्रेंड देखा जाता है लेकिन इस बार इसके कम होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में सिस्टम की गतिविधि कम रहने के कारण बारिश की संभावना घट गई हैं। हालांकि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के कारण कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं और बूंदाबांदी की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे नवंबर में मध्यप्रदेश में औसत बारिश केवल आधा इंच ही होती है। इसके बावजूद, यह वर्षा राज्य के कुछ इलाकों में ठंडक को और अधिक बढ़ा सकती है।
विज्ञापन
इंदौर में 371 भोपाल में 342 एक्यूआई
वायु प्रदूषण की बात करें तो इसमें भी हालात सुधर नहीं रहे हैं। ठंड आने और कोहरा छाने से वायुमंडल में धूल के कण अधिक देर तक जमे रहेंगे। इस स्थिति में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इंदौर और भोपाल का एक्यूआई लगातार 300 के पार बना हुआ है। सोमवार को इंदौर का एक्यूआई 371 और भोपाल का 342 तक पहुंचा। जो खरतनाक स्तर माना जाता है।
विज्ञापन
पूरे राज्य में अपने पैर पसार रही है ठंड
इस बार ठंड के शुरुआती दिनों में ही कई शहरों में तापमान गिरता दिख रहा है। रविवार को मंडला और रीवा जैसे शहरों में हाल ही में रात का तापमान क्रमशः 15 और 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उमरिया में यह 15.8 डिग्री, राजगढ़ में 16.4 डिग्री, नौगांव में 16.6 डिग्री और जबलपुर में 16.8 डिग्री सेल्सियस था। अन्य स्थानों जैसे सतना, मलाजखंड, बैतूल, टीकमगढ़, रायसेन, भोपाल और ग्वालियर में भी रात का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर जैसे छिंदवाड़ा में 18 डिग्री, उज्जैन में 18.4 डिग्री, इंदौर-गुना में 19.2 डिग्री, और रतलाम-सिवनी में 19.6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि ठंड धीरे-धीरे पूरे राज्य में अपने पैर पसार रही है।
15 नवंबर के बाद ठंडक का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में ठंड के और बढ़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। विभाग का कहना है कि 15 नवंबर के बाद ठंडक का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। पिछले 10 वर्षों का ट्रेंड देखा जाए तो इस समय ठंडक बढ़ने का सिलसिला देखा गया है। हालांकि, दिन के समय हल्की गर्मी का एहसास दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी और यह 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है। उत्तरी हवाओं के चलने से भी तापमान में गिरावट का असर महसूस होगा, जो ठंड को और अधिक बढ़ा देगा।
इंदौर का अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में सर्दी का एक खास ट्रेंड देखा जाता है। भोपाल में नवंबर महीने के दौरान रात का तापमान सामान्यतः 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो भोपाल में नवंबर के महीने में तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। यह रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इसी प्रकार इंदौर में ठंड का असर खासकर दूसरे सप्ताह से दिखने लगता है, जब रात का तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच पहुंच जाता है। इंदौर का न्यूनतम तापमान 25 नवंबर 1938 को 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है।
सामान्य मौसम इस तरह रहेगा
नवंबर में आमतौर पर दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है। राज्य में ठंड बढ़ने के साथ ही लोग सर्दियों की तैयारियों में जुट गए हैं। टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री के बीच रहता है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है।
