MP News: साढ़े आठ हजार वर्ग किलोमीटर का होगा इंदौर महानगर का दायरा, तीन जिले जुड़ेंगे
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 8,676 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल शामिल रहेगा। इसमें इंदौर जिले से देवास और धार-उज्जैन के सीमावर्ती क्षेत्र भी जुड़ेंगे। इंदौर के नए मास्टर प्लान के निवेश क्षेत्र में भी इन्हें शामिल किया जाएगा।
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इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की घोषणा पर अब सरकार आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह इंदौर के साथ धार, उज्जैन और देवास के लिए महानगर बनना महत्वपूर्ण है। इससे सुनियोजित विकास होगा। इंदौर में जल्द ही इसके लिए एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी।
पिछले इंदौर दौरे के समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन को अमल में लाने की घोषणा की थी। इसके बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने इसी मुद्दे पर बैठक भी बुलाई थी। प्रभारी मंत्री के रूप में अगले हफ़्ते मुख्यमंत्री इंदौर से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर जनप्रतिनिधियों और अफसरों से चर्चा करेंगे, जिसमें मेट्रोपॉलिटन रीजन मुख्य का विषय शामिल रहेगा।
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 8,676 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल शामिल रहेगा। इसमें इंदौर जिले से देवास, धार, उज्जैन के सीमावर्ती क्षेत्र भी जुड़ेंगे। इंदौर के नए मास्टरप्लान के निवेश क्षेत्र में भी इन्हें शामिल किया जाएगा। अभी तक मध्यप्रदेश में एक भी शहर को महानगर का दर्जा नहीं मिल पाया है। इंदौर पहला शहर होगा। सरकार जल्दी ही महानगर का प्रस्ताव लाकर इसका नोटिफिकेशन कर सकती है।
यह होगा महानगर बनने का फायदा
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इंदौर महानगर प्राधिकरण बनेगा, इसे एक कमेटी संचालित करेगी
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मेट्रो ट्रेन के विस्तार में केंद्र से आसानी से राशि मिल सकेगी। पीथमपुर, उज्जैन तक मेट्रो का प्रोजेक्ट मंजूर होगा
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शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के लिए इंदौर और उज्जैन जिले को अलग-अलग योजना बनाने की जरूरत नहीं होगी
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तीन जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सुनियोजित होगा, वहां उद्योग स्थापित हो सकेंगे
