Indore:महू से आते थे इंदौर चोरी करने, गूगल मैप से भागने की लोकेशन समझते थे
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी का माल एकत्र करने के बाद वे तमिलनाडू में उन्हें बेचते थे। आरोपी हर दिन सुबह की ट्रेन पकड़ कर इंदौर आते थे। वे पहले ही गूगल से प्लानिंग करके आते थे कि किस हाॅस्टल में चोरी करना है।
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इंदौर पुलिस ने भंवरकुआ क्षेत्र के हाॅस्टलों में लैपटाॅप, मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य महू से ट्रेन से इंदौर आते थे और चोरी करने के बाद ट्रेन से फिर महू चले जाते थे। वे गूगल मैप से हाॅस्टल में जाने और निकलने के रास्ते समझते थे। आरोपी तमिलनाडू के वेलूर जिले के है। उन्हें हिन्दी पढ़ना नहीं आती थी। इस कारण वे गूगल जैमिनी का उपयोग हिन्दी समझने के लिए करते थे।
लंबे समय से भंवरकुआं क्षेत्र के होस्टल में चोरी की घटनाएं हो रही थी। पुलिस ने इसका पता लगाने के लिए चैंकिंग तेज की। शुक्रवार को एक युवक को पुलिस ने पकड़ा। उनसे स्वीकारा कि वह हाॅस्टलों में चोरी करता है। उसने अपने दोस्तों के भी नाम बताए। पुलिस ने इस मामले में मुथीयायथन पिता गोपाल, मगेंद्र पिता वेंकटरमन और दीपक पिता विसकर्म को गिरफ्तार किया। तीनों ने महू में किराए का मकान लेकर रखा था।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी का माल एकत्र करने के बाद वे तमिलनाडू में उन्हें बेचते थे। आरोपी हर दिन सुबह की ट्रेन पकड़ कर इंदौर आते थे। वे पहले ही गूगल से प्लानिंग करके आते थे कि किस हाॅस्टल में चोरी करना है। चोरी करने के बाद वे दो-तीन मर्तबा सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो चुके थे। तीनों के खिलाफ भंवरकुआ, विजय नगर और बाणगंगा क्षेत्र में प्रकरण दर्ज हुए है। उनके पास से दस लैपटाॅप, 18 मोबाइल और एक टैबलेट जब्त किया गया है।
