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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: The ribbon was cut 11 months ago, and within four months, the road began to crumble; corruption threat

Indore: 11 माह पहले कटी थी रिबन, चार माह में उखड़ने लगी सड़क, इंदौर के नए ब्रिज पर भ्रष्टाचार की धमक

Thu, 18 Dec 2025 07:23 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Thu, 18 Dec 2025 07:23 PM IST
सार

बारिश के बाद ब्रिज पर हुए गड्ढों ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। पेचवर्क कर घटिया निर्माण छुपाने की कोशिश की गई, लेकिन गड्ढे फिर होने लगे।  एनएचएआई को पूरी सड़क उखाड़कर नए सिरे से तैयार करने का निर्णय लेना पड़ा।

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Indore: The ribbon was cut 11 months ago, and within four months, the road began to crumble; corruption threat
सालभर पहले बने ब्रिज की फिर मरम्मत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर इंदौर के राऊ जंक्शन पर 11 माह पहले बने सिक्सलेन ब्रिज का घटिया निर्माण एनएचएआई के लिए अब सिरदर्द साबित हो रहा है। इसके निर्माण में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। छह माह पहले ब्रिज पर हुए गड्ढे जब एनएचएआई के अफसर ठेकेदार से भरवा नहीं पाए तो अब ब्रिज की एप्रोच रोड को ही तोड़ने पड़ा। इस कारण एक तरफ की लेन भी बंद कर दी गई है। अब दो माह तक वाहन चालकों को परेशान होना पड़ेगा, क्योंकि तब तक ब्रिज पर एक तरफ से ही ट्रैफिक चलेगा।

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50 करोड़ रुपये आई थी लागत
बता दें, जब इस राऊ ब्रिज का निर्माण हो रहा था तो अफसर ब्रिज ट्रैफिक के लिए खोलने की जल्दबादी मचा रहे थे, लेकिन उन्होंने ब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान ही नहीं दिया। इस ब्रिज के निर्माण पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई। ठेकेदार कंपनी को भुगतान भी हो गया, लेकिन अब घटिया निर्माण के कारण विभाग की किरकिरी हो रही है। हालांकि, अफसरों का कहना है कि ठेकेदार कंपनी विंध्या कंस्ट्रक्शन से ही नए सिरे से ब्रिज की एक भुजा की सड़क बनवाई जा रही है। विभाग इसमें राशि खर्च नहीं कर रहा है, क्योंकि ब्रिज का गारंटी पीरियड खत्म नहीं हुआ है।
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चार माह पहले किया पेचवर्क भी नहीं टिका
राऊ ब्रिज पर जब गड्ढे होने लगे तो अफसरों ने पेचवर्क कराया, लेकिन रोज बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पेचवर्क नहीं टिक पाया और फिर एनएचएआई को सड़क उखाड़ कर नए सिरे से बनाने का फैसला लेना पड़ा। फिलहाल बेस वर्क किया जा रहा है। इसके बाद नए सिरे से सड़क बनाई जाएगी।
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सांसद ने पत्र लिखा था
इंदौर के सांसद शंंकर लालवानी का कहना है कि राऊ ब्रिज पर गड्ढे होने के बाद उन्होंने विभाग को पत्र लिखा था। अब ब्रिज पर नए सिरे से सड़क बनाई जा रही है। ब्रिज का लोकार्पण सांसद शंकर लालवानी ने पिछले साल 21 दिसंबर को किया था। इसके बाद ब्रिज ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में ब्रिज के घटिया निर्माण की पोल खुल गई थी। निर्माण के बाद एनएचएआई ने इसकी विशेषता बताते हुए कहा था कि यह मध्य प्रदेश का पहला सिंगल पिलर पर बना छह लेन ब्रिज है, लेकिन अब उखड़ी सड़क छवि पर कालिख पोत रही है।

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