फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: The remains of Indore's Fine Art College became canvas, former students paid tribute by creating artwo

Indore: इंदौर के फाइन आर्ट काॅलेज के अवशेष बने कैनवास, पूर्व छात्रों ने कलाकृतियां बनाकर दी श्रद्धांजलि

Fri, 18 Apr 2025 11:15 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 18 Apr 2025 11:15 AM IST
सार

काॅलेज को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है,लेकिन काॅलेज के पुराने भवन से छात्रों का भावनात्मक लगाव रहा है। इस कारण उन्हें काॅलेज बिल्डिंग टूटने का दुख भी है। बस इसी वजह से काॅलेज के पूर्व छात्रों ने उसके मलबे पर कलाकृतियां बनाने का फैसला लिया। 

विज्ञापन
Indore: The remains of Indore's Fine Art College became canvas, former students paid tribute by creating artwo
काॅलेज के पूर्व छात्र मलबे पर कलाकृतियां बनाते हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कलाकार भावनात्मक भी होते है और रचनात्मक भी। बुधवार को दोनों ही बातें उनके काम में नजर आई। चिलचिलाती धूप में वे कलाकृतियां उकेर रहे थे, लेकिन सामने न तो कैनवास था और न ही कोई कलात्मक दीवार। जिस पर उनकी ब्रश रंंग भर रहे थे, वे उनके काॅलेज भवन के टूटे के पत्थर, ईटें थी, जो जमीन पर बिखरी पड़ी है। उन पर रंगों से कलाकार अपनी भावनाएं अभिव्यक्त करते रहे। 

विज्ञापन

 

शहर के ख्यात शासकीय ललित कला संस्थान से एमएफ हुसैन, एनएस बेंद्रे, डीजे जोशी, श्रेणिक जैन जैसे ख्यात चित्रकार निकले है। अब वहां नगर निगम कला संकुल बना रहा है। पुराने काॅलेज का भवन अब काॅलेज के पूर्व छात्रों के लिए सिर्फ यादें बनकर रह गया। पुराना भवन टूट चुका है और उसके मलबा वहीं पड़ा है।

विज्ञापन



काॅलेज को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। अब सिर्फ आर्ट गैलरी बची है, लेकिन काॅलेज के पुराने भवन से छात्रों का भावनात्मक लगाव रहा है। इस कारण उन्हें काॅलेज बिल्डिंग टूटने का दुख भी है। बस इसी वजह से काॅलेज के पूर्व छात्रों ने अपने काॅलेज भवन को श्रद्धाजंलि देने के लिए उसके मलबे पर कलाकृतियां बनाने का फैसला लिया। 19 अप्रैल तक कलाकार मलबे पर कलाकृतियां बनाएंगे। इस अनूठे आयोजन में 100 से ज्यादा कलाकार एकत्र होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

इस काॅलेज के संस्थापक डीडी देवलालीकर रहे है। काॅलेज का नामकरण भी उन्हें के नाम से है। काॅलेज की स्थापना 1927 में होलकर शासनकाल में हुई थी। 18 अप्रैल को उनका जन्मदिन है। जन्मदिन की पूर्व संध्या पर काॅलेज के पूर्व छात्र परिसर में एकत्र हुए थे। तीन साल बाद काॅलेज के 100 साल पुरे हो जाएंगे। पूर्व छात्रों का कहना है कि कम से कम तीन सालों में नई बिल्डिंग काॅलेज के लिए उसी स्थान पर नगर निगम बनाकर दे, तो हम परिसर में बड़ा समारोह आयोजित कर सके।

 

पहली बैच में पढ़े थे हुसैन, बेंद्रे, जोशी

इस काॅलेज की पहली बैच में एमएफ हुसैन, रामकृष्ण खोत, नारायण श्रीधर बेंद्रे जैसे छात्र थे। जिन्होंने विश्व में अपना नाम कमाया। इस संस्थान की ख्याती देशभर में थी। बाद में अन्य कई छात्र इस काॅलेज से निकले और देशभर में उनके कामों की पहचान है। हुसैन जब भी इंदौर आया करते थे तो वे अपने काॅलेज को देखने भी जाते थे।

 

 

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed