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Indore: बायपास के नए ब्रिज पर आधा फीट ऊंचे बना दिए कर्व, गलती समझ आई तो अब तोड़ रहे

Sat, 14 Feb 2026 08:37 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 14 Feb 2026 08:37 PM IST
सार

इंदौर के बायपास पर करोड़ों की लागत से बना रालामंडल ब्रिज अपनी निर्माण की खामियों के चलते विवादों में घिर गया है। भारी बजट के बावजूद, अधूरे निर्माण और तकनीकी गलतियों के बीच ही ट्रैफिक शुरू करने से यहां हादसों का खतरा बढ़ गया है।

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Indore: The curves on the new bypass bridge were made half a foot high, but now they are demolishing them afte
पहले ब्रिज पर निर्माण किया,अब तोड़ा जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर के बायपास पर तीन साल बाद बनकर तैयार हुआ रालामंडल ब्रिज अब खामियों का पुलिंदा साबित हो रहा है। पता नहीं क्यों अफसरों ने ब्रिज से ट्रैफिक खोलने में इतनी जल्दबाजी दिखाई। पहले आधे-अधूरे ब्रिज को ट्रैफिक के लिए खोल दिया और अब उसके कर्व वाले हिस्से को तोड़कर भूल सुधार किया जा रहा है।

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रालामंडल ब्रिज पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसकी एक भुजा की रेलिंग के कर्व को ब्रिज की सड़क से आधा फीट ऊंचा बना दिया गया। इससे टकराकर वाहन हादसों का शिकार हो सकते हैं। यह गलती समझ आने पर अब उन्हें तोड़ा जा रहा है। बिखरा मलबा और टूटे सरिए भी लापरवाहीपूर्वक वहीं छोड़ दिए गए हैं। ब्रिज के एक हिस्से में कर्व फुटपाथ की तरह नजर आ रहे हैं, जबकि हाईवे के ब्रिजों पर कभी फुटपाथ बनाए नहीं जाते हैं।

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अभी मांगलिया से तेजाजी नगर की तरफ जाने वाली लेन ही ट्रैफिक के लिए खोली गई है। दूसरी लेन पर ट्रैफिक शुरू नहीं किया गया। ब्रिज के मीडियन भी अभी तक नहीं बन पाए हैं और आसपास रेत से भरी बोरियां रख दी गई हैं। वाहनों की टक्कर से कई बोरियां फट गई हैं और रेत सड़कों पर बिखरी हुई है।

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आपको बता दें कि रालामंडल पर छह लेन ब्रिज का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। इसकी समय सीमा एक साल थी, लेकिन दो साल की देरी से यह ब्रिज बना, फिर भी उसमें खामियां रह गई हैं। अभी तक ब्रिज पर रंगाई-पुताई भी नहीं की गई है। एक भुजा पर बैरिकेड लगाने के बजाय पोकलेन अड़ाकर रख दी गई है, जो हादसे की वजह बन सकती है।

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