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Indore News: टीचर ने छात्राओं के कपड़े उतरवाए, स्कूल में बवाल, कलेक्टर ने लिया एक्शन
Sat, 03 Aug 2024 09:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 03 Aug 2024 09:25 PM IST
सार
इंदौर के एक सरकारी स्कूल में हुई घटना के बाद पैरेंट्स ने खूब हंगामा किया, कलेक्टर ने टीचर का स्कूल से तबादला कर दिया है।
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कलेक्टर ने मामले में जांच शुरू करवाई है।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर के एक सरकारी स्कूल में टीचर ने छात्राओं के कपड़े उतरवा लिए। टीचर को शक था कि छात्राएं स्कूल में मोबाइल लाई हैं। जांच में पता चला है कि ज्यादातर छात्राएं गरीब परिवारों की थी। कलेक्टर ने आरोपी टीचर का स्कूल से तबादला कर दिया है और उसे शिक्षा विभाग में अटैच कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी सुषमा वैश्य ने बताया कि छात्राओं के बयान लिए जा रहे हैं। घटना शुक्रवार को हुई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्कूल में ज्यादातर छात्राएं गरीब परिवारों की हैं। स्कूल में टेस्ट (लोकल एग्जाम) के दौरान एक छात्रा के पास मोबाइल की घंटी बजी। शंका होने पर टीचर ने उसे क्लास से बाहर बुलाया। चेकिंग में उसके पास की-पैड वाला मोबाइल पाया गया। इसके बाद सात अन्य छात्राओं की भी चेकिंग की गई। आरोप है कि सभी छात्राओं को बाहर बने बाथरूम के अंदर ले जाकर उनके कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई। छात्राओं ने घर जाकर पूरी घटना बताई। जिसके बाद स्कूल पहुंचे पैरेंट्स ने जमकर हंगामा किया। पैरेंट्स कहना है कि स्कूल के अंदर इस तरह की चेकिंग करना गलत है। बच्चों के पास अगर मोबाइल मिले थे तो शिकायत पैरेंट्स से करनी चाहिए थी, न कि कपड़े उतरवाकर हर बच्चे की चेकिंग करना था। पैरेंट्स ने मल्हारगंज थाने में पूरे मामले में जांच के लिए एक आवेदन थाना प्रभारी को सौंपा है। संबंधित टीचर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। छात्राओं ने यह भी बताया कि टीचर ने वीडियो बनाकर वायरल करने की भी धमकी दी थी।
कलेक्टर ने टीचर का तबादला किया
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया- पैरेंट्स की ओर से शिकायत मिली थी। यह गंभीर मामला है। जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच पूरी होने तक एक महिला टीचर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया है।
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कांग्रेस ने कहा बेटियां सुरक्षित नहीं
इस घटना पर मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता संगीता शर्मा का भी बयान आया है। उन्होंने कहा है कि यह बेहद ही गंभीर और शर्मनाक मामला है। एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन जारी करती है। दूसरी तरफ बेटियों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित वातावरण तक उपलब्ध नहीं करा रही है। जब इंदौर जैसे शहर के स्कूलों की यह हालत है तो ग्रामीण क्षेत्रों के, कस्बों के शासकीय स्कूलों के क्या हालात होंगे यह भी विचार करने वाली बात है। उन्होंने आरोपी टीचर पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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जिला शिक्षा अधिकारी सुषमा वैश्य ने बताया कि छात्राओं के बयान लिए जा रहे हैं। घटना शुक्रवार को हुई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्कूल में ज्यादातर छात्राएं गरीब परिवारों की हैं। स्कूल में टेस्ट (लोकल एग्जाम) के दौरान एक छात्रा के पास मोबाइल की घंटी बजी। शंका होने पर टीचर ने उसे क्लास से बाहर बुलाया। चेकिंग में उसके पास की-पैड वाला मोबाइल पाया गया। इसके बाद सात अन्य छात्राओं की भी चेकिंग की गई। आरोप है कि सभी छात्राओं को बाहर बने बाथरूम के अंदर ले जाकर उनके कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई। छात्राओं ने घर जाकर पूरी घटना बताई। जिसके बाद स्कूल पहुंचे पैरेंट्स ने जमकर हंगामा किया। पैरेंट्स कहना है कि स्कूल के अंदर इस तरह की चेकिंग करना गलत है। बच्चों के पास अगर मोबाइल मिले थे तो शिकायत पैरेंट्स से करनी चाहिए थी, न कि कपड़े उतरवाकर हर बच्चे की चेकिंग करना था। पैरेंट्स ने मल्हारगंज थाने में पूरे मामले में जांच के लिए एक आवेदन थाना प्रभारी को सौंपा है। संबंधित टीचर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। छात्राओं ने यह भी बताया कि टीचर ने वीडियो बनाकर वायरल करने की भी धमकी दी थी।
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कलेक्टर ने टीचर का तबादला किया
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया- पैरेंट्स की ओर से शिकायत मिली थी। यह गंभीर मामला है। जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच पूरी होने तक एक महिला टीचर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया है।
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कांग्रेस ने कहा बेटियां सुरक्षित नहीं
इस घटना पर मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता संगीता शर्मा का भी बयान आया है। उन्होंने कहा है कि यह बेहद ही गंभीर और शर्मनाक मामला है। एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन जारी करती है। दूसरी तरफ बेटियों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित वातावरण तक उपलब्ध नहीं करा रही है। जब इंदौर जैसे शहर के स्कूलों की यह हालत है तो ग्रामीण क्षेत्रों के, कस्बों के शासकीय स्कूलों के क्या हालात होंगे यह भी विचार करने वाली बात है। उन्होंने आरोपी टीचर पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की।
