Indore: इंदौर के निजी स्कूल में नाबालिग छात्राओं के शोषण के मामले में एफआईआर नहीं, पीएमओ ने लिया संज्ञान
दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी। खुडैल क्षेत्र के ग्रामीणों ने वर्ष 2016 में स्कूल के दो शिक्षकों के खिलाफ शिकायत की थी। तब तत्कालीन एसडीएम नीता राठौर को जांच सौंपी थी।
विस्तार
इंदौर के निजी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्राओं के शोषण की शिकायत के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने डिमांड ऑफ़ जस्टिस की याचिका पर संज्ञान लिया है। इसके बाद प्रशासन ने इसकी जांच कराई थी। जिसमें योन शोषण का खुलासा हुआ है। इस मामले में 9 साल बाद भी पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया है।
एसडीएम रिपोर्ट में कहा गया कि स्कूल के दोनों टीचर मानसिक रूप से विकृत है। उन्होंने बच्चियों से अश्लील बातें की उन्हें मारा व अशोभनीय व्यवहार किया। उन्हें बर्खास्त करने की अनुशंसा भी की गई है।
हाई कोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया की सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जाँच रिपोर्ट छात्राओं और महिला शिक्षकों के कथन लिए गए। उनके अनुसार दोनों पुरुष टीचर्स मानसिक रूप से विकृत प्रतीत होते है जो छात्राओं से अश्लील बातें करते थे। जाँच रिपोर्ट अनुसार दोनो शिक्षकों पर एक-एक लाख रुपये की राशि से बाउंड ओवर भी किया गया था पर थाने पर किसी भी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय पर याचिका दी गई थी। उन्होंने कहा कि अब दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि खुडैल क्षेत्र के ग्रामीणों ने वर्ष 2016 में स्कूल के दो शिक्षकों के खिलाफ शिकायत की थी। तब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्कालीन एसडीएम नीता राठौर को जांच सौंपी थी। पीएमओ की तरफ से सीएम हेल्पलाइन के डायरेक्टर को मामला सौंपा गया है।
