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Indore News: विश्व मृदा दिवस, हमने मिट्टी में खेलना छोड़ दिया और अपनी जड़ों से कटने लगे
Thu, 05 Dec 2024 06:10 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 05 Dec 2024 06:10 PM IST
सार
Indore News: विश्व मृदा दिवस पर इंदौर के सरस्वती शिशु मंदिर में मिट्टी के महत्व पर संवाद और हर्बल फर्स्ट एड बॉक्स रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यावरणविद स्वप्निल व्यास ने मिट्टी की उर्वरता और संस्कृति से इसके जुड़ाव पर चिंता व्यक्त की।
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विश्व मृदा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
भारत में मिट्टी धरती माता के रूप में पूजनीय है। हर भारतीय का इसके साथ एक भावनात्मक नाता है और जब बात अपनी मिट्टी की आती है तो सीधे तौर पर ये देश प्रेम के साथ भी जुड़ जाती है। मृदा स्वास्थ्य को अक्षुण्ण रखना एक बड़ी चुनौती है और यदि प्रकृति के सिद्धांतों के विपरीत पृथ्वी का दोहन करने का प्रयास किया जाता है, तो इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं। आज रासायनिक खेती के कारण मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है, हमारे नगरों से मिट्टी गायब होती जा रही है।
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यह बातें पर्यावरणविद स्वप्निल व्यास ने मालव मंथन द्वारा गुरुवार को विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर, ममता नगर में आयोजित मिट्टी के महत्व पर संवाद एवं हर्बल फर्स्ट एड बॉक्स के रोपण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी ने मिट्टी में खेलना छोड़ दिया है। मिट्टी से अलगाव संस्कृति और प्रकृति दोनों के लिए खतरनाक है।
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विद्यालय की प्राचार्य प्रतिभा तिवारी ने बताया कि मृदा, मिट्टी जिसे कई नाम से जाना जाता है, जिस पर हमारा अस्तित्व टिका होता है, लेकिन हमारा ध्यान उस पर नहीं जाता है। इसके कारण आज हमारी मिट्टी पर मौन संकट गहरा रहा है। हमारी आने वाली पीढ़ी मृदा के महत्व को जाने और अपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाएं इसलिए हमने यह आयोजन हमारे विद्यालय में किया है। कार्यक्रम में छाया बारगल, वैभव जोशी, रेखा पटेल सहित समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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