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Indore News: सावन में बारिश गायब, वायरल फीवर ने मचाया कहर, अस्पतालों में टूट रही मरीजों की भीड़
Sat, 09 Aug 2025 08:36 AM IST
अर्जुन रिछारिया
उमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
उमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 09 Aug 2025 08:36 AM IST
सार
Indore News: जिले में सावन के महीने में बारिश की कमी ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है, जिससे वायरल बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
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indore news
- फोटो : अमर उजाला ,इंदौर
विस्तार
जिले में बारिश की बेरुखी ने इस बार जुलाई और अगस्त के महीने में मौसम का पूरा मिजाज ही बदलकर रख दिया है। सावन के महीने में जहां आमतौर पर झमाझम बारिश होती है, जिससे वातावरण ठंडा और नमी भरा हो जाता है, वहीं इस बार बारिश का नामोनिशान तक नहीं है। लगातार सूखा मौसम और बढ़ती गर्मी ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डाला है। शहर के बड़े अस्पतालों में वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एमवाय अस्पताल में रोजाना औसतन 3500 से 4000 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 2000 से 2500 के बीच होती है। यही हाल शहर के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों का भी है।
हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से पीड़ित
एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल आने वाला हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से ग्रसित है। मौसम में आए अचानक बदलाव और उमस भरे वातावरण के चलते वायरल तेजी से फैल रहा है। डेंगू, मलेरिया, खांसी-जुकाम, पेट के संक्रमण, स्किन एलर्जी जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि वर्तमान तापमान वायरस के पनपने के लिए आदर्श स्थिति प्रदान कर रहा है। न तो इतनी गर्मी है कि वायरस नष्ट हो जाए और न ही इतनी ठंड कि वायरस निष्क्रिय हो जाए। नतीजतन संक्रमण तेजी से फैल रहा है और इसके कारण तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
प्रदूषण, गर्मी और पानी का संक्रमण बढ़ा रहा बीमारियां
वर्तमान में दिन का तापमान 32 डिग्री और रात का तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच बना हुआ है। यह तापमान वायरस के प्रसार के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी की कमी है, लेकिन धूल और प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे सांस की बीमारियां भी उभर रही हैं। सांस फूलना, ब्रोंकाइटिस, जुकाम, और खांसी जैसी समस्याओं के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। पेट के संक्रमण, डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसे मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण जल्दी खराब होने वाला खाना और घटती जल गुणवत्ता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी, बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में वायरल, पेट और श्वसन संबंधी बीमारियों में और इजाफा हो सकता है। विभाग ने नागरिकों से साफ-सफाई बनाए रखने, ताजा पका हुआ भोजन करने, साफ पानी पीने और बार-बार हाथ धोने की अपील की है। बाहर के तले-भुने व बासी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी, हल्दी, अदरक और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को जरूरी बताया गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगस्त के दूसरे पखवाड़े से अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
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हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से पीड़ित
एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल आने वाला हर तीसरा मरीज वायरल फीवर से ग्रसित है। मौसम में आए अचानक बदलाव और उमस भरे वातावरण के चलते वायरल तेजी से फैल रहा है। डेंगू, मलेरिया, खांसी-जुकाम, पेट के संक्रमण, स्किन एलर्जी जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि वर्तमान तापमान वायरस के पनपने के लिए आदर्श स्थिति प्रदान कर रहा है। न तो इतनी गर्मी है कि वायरस नष्ट हो जाए और न ही इतनी ठंड कि वायरस निष्क्रिय हो जाए। नतीजतन संक्रमण तेजी से फैल रहा है और इसके कारण तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
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प्रदूषण, गर्मी और पानी का संक्रमण बढ़ा रहा बीमारियां
वर्तमान में दिन का तापमान 32 डिग्री और रात का तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच बना हुआ है। यह तापमान वायरस के प्रसार के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी की कमी है, लेकिन धूल और प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे सांस की बीमारियां भी उभर रही हैं। सांस फूलना, ब्रोंकाइटिस, जुकाम, और खांसी जैसी समस्याओं के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। पेट के संक्रमण, डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसे मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण जल्दी खराब होने वाला खाना और घटती जल गुणवत्ता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी, बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में वायरल, पेट और श्वसन संबंधी बीमारियों में और इजाफा हो सकता है। विभाग ने नागरिकों से साफ-सफाई बनाए रखने, ताजा पका हुआ भोजन करने, साफ पानी पीने और बार-बार हाथ धोने की अपील की है। बाहर के तले-भुने व बासी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी, हल्दी, अदरक और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को जरूरी बताया गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगस्त के दूसरे पखवाड़े से अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
