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Indore News: छेड़छाड़ से परेशान छात्रा ने लगाई फांसी, एक महीने पहले पुलिस ने आरोपी पर दर्ज नहीं की थी FIR
Fri, 12 Jun 2026 09:41 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 12 Jun 2026 09:41 PM IST
सार
परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र का नमन कामले नामक युवक उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था, जिसकी शिकायत एक महीने पहले थाने में भी की गई थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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परिजन ने शव रखकर किया चक्काजाम।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 17 वर्षीय छात्रा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस मामले में क्षेत्र के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका कहना है कि युवक की प्रताड़ना से तंग आकर ही नाबालिग ने यह कदम उठाया।
शव सड़क पर रखकर परिजन का चक्काजाम
छात्रा की मौत के बाद परिजनों और कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों और परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रा के शव को बीच सड़क पर रख दिया और चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती और उस पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस चक्काजाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
थाने में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मृतक छात्रा के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, छात्रा ने करीब एक महीना पहले ही परदेशीपुरा थाने में आरोपी युवक नमन कामले के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया गया था कि नमन लंबे समय से छात्रा का पीछा कर रहा था, उसे रास्ते में रोककर परेशान करता था और लगातार धमकियां दे रहा था। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख था कि युवक ने छात्रा के जीजा को जानमाल का नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल आरोपी को समझाइश देकर छोड़ दिया, जिससे उसके हौसले बढ़ गए।
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कमरे से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
घटना वाले दिन यानी शुक्रवार की सुबह जब छात्रा के पिता उसके कमरे में गए, तो उन्होंने अपनी बेटी को फंदे पर लटका हुआ पाया। बदहवास हालत में परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है और परिजनों व आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
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शव सड़क पर रखकर परिजन का चक्काजाम
छात्रा की मौत के बाद परिजनों और कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों और परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रा के शव को बीच सड़क पर रख दिया और चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती और उस पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस चक्काजाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
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थाने में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मृतक छात्रा के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, छात्रा ने करीब एक महीना पहले ही परदेशीपुरा थाने में आरोपी युवक नमन कामले के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया गया था कि नमन लंबे समय से छात्रा का पीछा कर रहा था, उसे रास्ते में रोककर परेशान करता था और लगातार धमकियां दे रहा था। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख था कि युवक ने छात्रा के जीजा को जानमाल का नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल आरोपी को समझाइश देकर छोड़ दिया, जिससे उसके हौसले बढ़ गए।
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कमरे से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
घटना वाले दिन यानी शुक्रवार की सुबह जब छात्रा के पिता उसके कमरे में गए, तो उन्होंने अपनी बेटी को फंदे पर लटका हुआ पाया। बदहवास हालत में परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है और परिजनों व आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
