फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   indore news samvidhan divas central library indore

संविधान दिवस विशेष: दीनानाथ भार्गव और सीताराम सरवटे के योगदान से तैयार हुआ भारत का संविधान

Mon, 25 Nov 2024 06:39 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 25 Nov 2024 06:39 PM IST
सार

Indore News: तीन शेरों वाले राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह को दीनानाथ भार्गव ने तैयार किया और सीताराम सरवटे ने हस्ताक्षर करके संविधान को पूर्ण रूप दिया। 
 

विज्ञापन
indore news samvidhan divas central library indore
संविधान की प्रतिकृति और पीछे दीनानाथ भार्गव और सीताराम सरवटे की तस्वीरें। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

26 नवंबर को संविधान दिवस है। इंदौर में संविधान की विशेष प्रति रखी है जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। देश में इस तरह की विशाल प्रति कुछ चुनिंदा जगह पर ही रखी गई हैं। इंदौर का संविधान के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान है। पहले पेज पर शेर का निशान बना है। यह हमारे देश का राष्ट्रीय प्रतीक भी है और इसे इंदौर के ही ख्यात चित्रकार दिवंगत दीनानाथ भार्गव ने बनाया है। वहीं संविधान पर इंदौर के स्वर्गीय विनायक सीताराम सरवटे ने हस्ताक्षर किए हैं। दोनों के योगदान को अब इंदौर की सेंट्रल लाइब्रेरी में संजोया गया है। सेंट्रल लाइब्रेरी की प्रमुख लिली डावर ने बताया कि संविधान में दिए गए दोनों के योगदान को हमने संजोया है। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि हमें यह मौका मिला। आज लाइब्रेरी में आने वाले युवा उनके योगदान को जानकर प्रेरणा ले रहे हैं। 
विज्ञापन


चिड़ियाघर में ढाई महीने शेरों का अध्य्यन किया
दीनानाथ भार्गव को जब शेरों की आकृति वाले प्रतीक चिन्ह को बनाने का काम दिया तो उन्होंने उसे पूरी तरह से जीवंत बनाने का प्रयास किया। वे कोलकाता के चिड़ियाघर गए और करीब ढाई महीने तक नर, मादा शेर और बच्चों को देखते रहे। उनके हाव-भाव के साथ ही नाखून तक का अध्ययन किया और जब पृष्ठ को बनाया तो इन सभी बातों को जीवंतता के साथ उकेरा।
विज्ञापन


सरवटे के हस्ताक्षर देखने आते हैं लोग
लिली डावर ने बताया कि विनायक सीताराम सरवटे संविधान सभा के सदस्य थे, जिसने राष्ट्र का संविधान बनाया था। संविधान की स्वीकृति के हस्ताक्षरों में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पं. नेहरू, डॉ. अंबेडकर, सरदार पटेल के साथ उनके भी हस्ताक्षर हैं। सन् 1952 में उन्हें पहली राज्यसभा का सदस्य भी मनोनीत किया गया था। उनकी जनसेवा-राष्ट्रसेवा का इतिहास व स्मरण स्थायी रहे इसीलिए इंदौर के बस स्टैंड का नाम 'सरवटे बस स्टैंड' रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed