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Indore News: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से साइबर ठगी, वीडियो कॉल पर बात करते-करते खाली हो गया खाता
Mon, 03 Aug 2026 07:44 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 03 Aug 2026 07:44 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में स्टेट बैंक के 63 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। इंटरनेट पर पार्सल ट्रैक करने के दौरान जालसाजों ने उन्हें एक फर्जी लिंक और वीडियो कॉल के जरिए उलझाया।
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Cyber Crime
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में रहने वाले स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। बदमाशों ने कूरियर का पार्सल ट्रैक कराने के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर उनके खाते से 1 लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए। मामले में कनाड़िया थाना पुलिस ने रविवार रात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पार्सल डिलीवरी में देरी से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार 63 वर्षीय प्रकाश सातपुते निवासी बिचौली हप्सी स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने अपने बेटे प्रखर, जो बेंगलुरु में रहता है, के लिए कूरियर से घरेलू सामान का पार्सल भेजा था। कूरियर कंपनी ने उन्हें ट्रैकिंग नंबर भी दिया था। पार्सल 20 जुलाई को डिलीवर होना था, लेकिन 21 जुलाई को बेटे से बात करने पर पता चला कि पार्सल अब तक नहीं पहुंचा।
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ऑनलाइन ट्रैकिंग के नाम पर भेजा गया फर्जी लिंक
इसके बाद प्रकाश सातपुते ने इंटरनेट पर ट्रैकिंग नंबर डालकर पार्सल की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान एक चैट बॉक्स खुला, जहां से उन्हें वॉट्सएप पर संपर्क करने के लिए कहा गया। कुछ देर बाद एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करते ही वीडियो कॉल शुरू हो गई। कॉल में किसी का चेहरा दिखाई नहीं दिया, केवल आवाज सुनाई दे रही थी।
फॉर्म भरवाकर बैंकिंग विवरण हासिल किया
बात करने वाले ने पार्सल ट्रैक करने के लिए एक और ऑनलाइन लिंक भेजा। लिंक खुलने पर एक फॉर्म दिखाई दिया, जिसमें जानकारी भरने के बाद 5 रुपए ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा गया। प्रकाश सातपुते ने अपने क्रेडिट कार्ड का विवरण दर्ज कर दिया।
आधे घंटे के भीतर खाते से निकाली गई रकम
इसके बाद ठग ने ओटीपी आने की बात कही, लेकिन मोबाइल स्क्रीन अचानक ब्लैक हो गई। करीब आधे घंटे तक कॉल जारी रही। इसी दौरान मोबाइल पर लगातार मैसेज आने लगे और खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए गए। जब खाते से रकम कटने के संदेश आए तो उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
शिकायत के आधार पर कनाड़िया थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी लिंक और वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों ने किस तरह बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम दिया।
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पार्सल डिलीवरी में देरी से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार 63 वर्षीय प्रकाश सातपुते निवासी बिचौली हप्सी स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने अपने बेटे प्रखर, जो बेंगलुरु में रहता है, के लिए कूरियर से घरेलू सामान का पार्सल भेजा था। कूरियर कंपनी ने उन्हें ट्रैकिंग नंबर भी दिया था। पार्सल 20 जुलाई को डिलीवर होना था, लेकिन 21 जुलाई को बेटे से बात करने पर पता चला कि पार्सल अब तक नहीं पहुंचा।
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ऑनलाइन ट्रैकिंग के नाम पर भेजा गया फर्जी लिंक
इसके बाद प्रकाश सातपुते ने इंटरनेट पर ट्रैकिंग नंबर डालकर पार्सल की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान एक चैट बॉक्स खुला, जहां से उन्हें वॉट्सएप पर संपर्क करने के लिए कहा गया। कुछ देर बाद एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करते ही वीडियो कॉल शुरू हो गई। कॉल में किसी का चेहरा दिखाई नहीं दिया, केवल आवाज सुनाई दे रही थी।
फॉर्म भरवाकर बैंकिंग विवरण हासिल किया
बात करने वाले ने पार्सल ट्रैक करने के लिए एक और ऑनलाइन लिंक भेजा। लिंक खुलने पर एक फॉर्म दिखाई दिया, जिसमें जानकारी भरने के बाद 5 रुपए ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा गया। प्रकाश सातपुते ने अपने क्रेडिट कार्ड का विवरण दर्ज कर दिया।
आधे घंटे के भीतर खाते से निकाली गई रकम
इसके बाद ठग ने ओटीपी आने की बात कही, लेकिन मोबाइल स्क्रीन अचानक ब्लैक हो गई। करीब आधे घंटे तक कॉल जारी रही। इसी दौरान मोबाइल पर लगातार मैसेज आने लगे और खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए गए। जब खाते से रकम कटने के संदेश आए तो उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
शिकायत के आधार पर कनाड़िया थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी लिंक और वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों ने किस तरह बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम दिया।
