{"_id":"62bd9f52b31a1a5b0f1ad0de","slug":"indore-news-in-line-baggage-system-will-start-at-indore-airport-passengers-will-not-have-to-get-baggage-scanning-done","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: इंदौर के एयरपोर्ट पर शुरू होगा इन लाइन बैगेज सिस्टम, यात्रियों को नहीं करवाना होगी सामान की स्कैनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: इंदौर के एयरपोर्ट पर शुरू होगा इन लाइन बैगेज सिस्टम, यात्रियों को नहीं करवाना होगी सामान की स्कैनिंग
Thu, 30 Jun 2022 06:35 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 30 Jun 2022 06:35 PM IST
सार
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इन लाइन बैगेज सिस्टम शुरू होने जा रहा है। इसके शुरू होने पर यात्रियों को चेक-इन काउंटर पर जाने से पहले अपने सामान को स्कैन नहीं करवाना होगा।
विज्ञापन
देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा इंदौर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर अब यात्रियों का सफर ज्यादा सुविधाजनक होगा। यहां बड़े एयरपोर्ट की तरह ही इन लाइन बैगेज सिस्टम शुरू होने जा रहा है। 1 जुलाई से इसका ट्रायल शुरू होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को होगा, क्योंकि इसके लगने के बाद यात्रियों को चेक-इन काउंटर पर जाने से पहले अपने सामान को स्कैन नहीं करवाना होगा। चेक-इन काउंटर पर सामान देने के बाद यह कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से इस सिस्टम से होता हुआ गुजरेगा और तभी सामान की स्कैनिंग हो जाएगी। इससे एयरपोर्ट टर्मिनल में लगी एक्स-रे मशीनों की भी जरूरत खत्म हो जाएगी और टर्मिनल में ज्यादा खुली जगह मिल सकेगी।
जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा देश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर यह सिस्टम लगाया जा रहा है। इनमें इंदौर एयरपोर्ट को भी शामिल किया गया है। अथॉरिटी ने इस सिस्टम पर 11 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। अभी इंदौर एयरपोर्ट से कहीं बाहर यात्रा करने वाले यात्रियों को टर्मिनल में आने के बाद सबसे पहले अपने सामान की एक्स-रे स्कैनिंग करवाना पड़ती है। इस दौरान खुद यात्रियों को अपना सामान उठाकर स्कैनर में डालना होता है और सामान की जांच एयरलाइंस के अधिकारी करते हैं। स्कैनिंग के बाद यात्री सामान लेकर चेक-इन काउंटर पर जाते हैं, वहां सामान देते हैं जो कन्वेयर बेल्ट के जरिए अंदर जाता है और वहां से उसे विमान में लोड करने के लिए भेजा जाता है। इन लाइन बैगेज सिस्टम में अब यात्रियों को खुद अपने सामान को स्कैन नहीं करना होगा। उन्हें सीधे चेक-इन काउंटर पर आकर हैंड बैगेज के अलावा अपने लगेज पहले की ही तरह यहां देना होगा। एयरलाइंस अधिकारी इसे बैगेज कन्वेयर बेल्ट पर रखकर अंदर भेजेंगे। इसी बेल्ट पर अंदर की ओर यह सिस्टम लगाया गया है, जिससे सामान इसमें से जब गुजरेगा तो इसकी पूरी एक्स-रे स्कैनिंग हो जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों की मेहनत और समय बचेगा। इस सिस्टम पर एयरपोर्ट अथॉरिटी के कार्गो एंड लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट बैठेंगे और वे ही सामान की स्कैनिंग करेंगे, जिन्हें ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज द्वारा इसकी ट्रेनिंग भी दी गई है। स्कैनिंग के दौरान किसी सामान में कुछ आपत्तिजनक पाए जाने पर यात्री को घोषणा करते हुए बुलाया जाएगा और सामान को खोलकर उसकी जांच की जाएगी। इस व्यवस्था से टर्मिनल में रखी एक्स-रे मशीनों की जरूरत भी खत्म हो जाएगी और इन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे टर्मिनल में अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही एयरलाइंस का काम भी कम हो जाएगा और उन्हें एक्सपर्ट स्कैनर भी नहीं रखना पड़ेंगे।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि इस सिस्टम को पूरी तरह इंस्टॉल किया जा चुका है। एक-दो दिन में इसकी फाइनल टेस्टिंग की जाएगी। यह टेस्टिंग ट्रांसपोर्ट सर्विलांस अथॉरिटी की निगरानी में होगी। ट्रायल सफल होने के बाद इसका उपयोग शुरू करने से पहले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज से अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में बीसीएएस से भी इसकी मंजूरी मिल जाएगी, फिर एयरपोर्ट पर एक्स-रे मशीनों को हटाकर यात्रियों के लिए इस सिस्टम का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा देश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर यह सिस्टम लगाया जा रहा है। इनमें इंदौर एयरपोर्ट को भी शामिल किया गया है। अथॉरिटी ने इस सिस्टम पर 11 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। अभी इंदौर एयरपोर्ट से कहीं बाहर यात्रा करने वाले यात्रियों को टर्मिनल में आने के बाद सबसे पहले अपने सामान की एक्स-रे स्कैनिंग करवाना पड़ती है। इस दौरान खुद यात्रियों को अपना सामान उठाकर स्कैनर में डालना होता है और सामान की जांच एयरलाइंस के अधिकारी करते हैं। स्कैनिंग के बाद यात्री सामान लेकर चेक-इन काउंटर पर जाते हैं, वहां सामान देते हैं जो कन्वेयर बेल्ट के जरिए अंदर जाता है और वहां से उसे विमान में लोड करने के लिए भेजा जाता है। इन लाइन बैगेज सिस्टम में अब यात्रियों को खुद अपने सामान को स्कैन नहीं करना होगा। उन्हें सीधे चेक-इन काउंटर पर आकर हैंड बैगेज के अलावा अपने लगेज पहले की ही तरह यहां देना होगा। एयरलाइंस अधिकारी इसे बैगेज कन्वेयर बेल्ट पर रखकर अंदर भेजेंगे। इसी बेल्ट पर अंदर की ओर यह सिस्टम लगाया गया है, जिससे सामान इसमें से जब गुजरेगा तो इसकी पूरी एक्स-रे स्कैनिंग हो जाएगी।
विज्ञापन
इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों की मेहनत और समय बचेगा। इस सिस्टम पर एयरपोर्ट अथॉरिटी के कार्गो एंड लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट बैठेंगे और वे ही सामान की स्कैनिंग करेंगे, जिन्हें ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज द्वारा इसकी ट्रेनिंग भी दी गई है। स्कैनिंग के दौरान किसी सामान में कुछ आपत्तिजनक पाए जाने पर यात्री को घोषणा करते हुए बुलाया जाएगा और सामान को खोलकर उसकी जांच की जाएगी। इस व्यवस्था से टर्मिनल में रखी एक्स-रे मशीनों की जरूरत भी खत्म हो जाएगी और इन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे टर्मिनल में अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही एयरलाइंस का काम भी कम हो जाएगा और उन्हें एक्सपर्ट स्कैनर भी नहीं रखना पड़ेंगे।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि इस सिस्टम को पूरी तरह इंस्टॉल किया जा चुका है। एक-दो दिन में इसकी फाइनल टेस्टिंग की जाएगी। यह टेस्टिंग ट्रांसपोर्ट सर्विलांस अथॉरिटी की निगरानी में होगी। ट्रायल सफल होने के बाद इसका उपयोग शुरू करने से पहले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज से अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में बीसीएएस से भी इसकी मंजूरी मिल जाएगी, फिर एयरपोर्ट पर एक्स-रे मशीनों को हटाकर यात्रियों के लिए इस सिस्टम का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा।
