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Indore News: चाट की दुकानों पर पहुंचा पूरा मंत्रिमंडल, सीएम ने खाए पानी पतासे, दिए ₹500
Tue, 20 May 2025 09:09 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 20 May 2025 09:09 AM IST
सार
Indore News: देर रात इंदौर के सराफा बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री, बोले यह आराम का समय नहीं स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने का समय। इसलिए पूरा मंत्रिमंडल आया हमारे स्थानीय बाजार।
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दही बड़े की दुकान पर सीएम और अन्य मंत्री।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के मशहूर सराफा बाजार में सोमवार देर रात एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पूरी कैबिनेट के साथ यहाँ पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भुट्टे का कीस और पानी पतासे जैसे स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने दो पानी पतासे खाकर दुकानदार को 500 रुपये का नोट दिया, जिससे उनका सहज और प्रेरणादायक अंदाज सामने आया।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह विश्राम का समय नहीं है, बल्कि स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने का समय है। हमारी संस्कृति और परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए पूरा मंत्रिमंडल आज इंदौर के इस ऐतिहासिक बाजार में पहुंचा है।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी कैबिनेट का यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक संदेश देने वाला रहा। सराफा बाजार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि इंदौर न केवल स्वच्छता में नंबर एक है, बल्कि स्वाद और संस्कृति में भी सबसे आगे है।
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मंत्रिमंडल ने लिए यह सारे स्वाद
रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुंचे। यहां उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा, पानीपुरी, कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सराफा बाजार में इंदौर की संस्कृति और स्वाद का संगम
इंदौर का सराफा बाजार न केवल ज्वेलरी के लिए बल्कि अपने प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड के लिए भी जाना जाता है। रात होते ही यह बाजार फूड स्ट्रीट में तब्दील हो जाता है, जहाँ 250 से अधिक खानपान की दुकानें सज जाती हैं। यहाँ मिलने वाले स्वादों में मालवी, दक्षिण भारतीय, चायनीस और देशभर के अन्य व्यंजन शामिल हैं। सराफा बाजार का यह दौरा मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के लिए केवल एक अनौपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह इंदौर की पारंपरिक विरासत और व्यवसायिक शक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल थी।
व्यंजनों का स्वाद, स्थानीयता का सम्मान
मुख्यमंत्री द्वारा भुट्टे का कीस और पानी पतासे का स्वाद लेना केवल स्वाद तक सीमित नहीं था, बल्कि यह स्थानीय व्यंजनों को मान्यता देने और छोटे व्यापारियों को सम्मान देने का प्रतीक था। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
पर्यटकों की पहली पसंद बना सराफा बाजार
देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों के लिए इंदौर का सराफा बाजार पहली पसंद बनता जा रहा है। यहाँ मिलने वाला विविध और स्वादिष्ट भोजन इसे भारत की सबसे लोकप्रिय फूड स्ट्रीट्स में एक बनाता है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद यह और भी अधिक चर्चा में आ गया है।
सराफा बाजार की प्रमुख विशेषताएं
स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड: भुट्टे का कीस, पानी पतासा, पोहा, चाट, मिठाइयाँ और ढेरों स्थानीय व्यंजन इस बाजार की जान हैं।
संस्कृति का प्रतिबिंब: सराफा बाजार इंदौर की सांस्कृतिक विविधता और खानपान परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
व्यवसायिक केंद्र: यह बाजार न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी आय का महत्वपूर्ण स्रोत है।
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मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह विश्राम का समय नहीं है, बल्कि स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने का समय है। हमारी संस्कृति और परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए पूरा मंत्रिमंडल आज इंदौर के इस ऐतिहासिक बाजार में पहुंचा है।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी कैबिनेट का यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक संदेश देने वाला रहा। सराफा बाजार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि इंदौर न केवल स्वच्छता में नंबर एक है, बल्कि स्वाद और संस्कृति में भी सबसे आगे है।
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मंत्रिमंडल ने लिए यह सारे स्वाद
रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुंचे। यहां उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा, पानीपुरी, कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सराफा बाजार में इंदौर की संस्कृति और स्वाद का संगम
इंदौर का सराफा बाजार न केवल ज्वेलरी के लिए बल्कि अपने प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड के लिए भी जाना जाता है। रात होते ही यह बाजार फूड स्ट्रीट में तब्दील हो जाता है, जहाँ 250 से अधिक खानपान की दुकानें सज जाती हैं। यहाँ मिलने वाले स्वादों में मालवी, दक्षिण भारतीय, चायनीस और देशभर के अन्य व्यंजन शामिल हैं। सराफा बाजार का यह दौरा मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के लिए केवल एक अनौपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह इंदौर की पारंपरिक विरासत और व्यवसायिक शक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल थी।
व्यंजनों का स्वाद, स्थानीयता का सम्मान
मुख्यमंत्री द्वारा भुट्टे का कीस और पानी पतासे का स्वाद लेना केवल स्वाद तक सीमित नहीं था, बल्कि यह स्थानीय व्यंजनों को मान्यता देने और छोटे व्यापारियों को सम्मान देने का प्रतीक था। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
पर्यटकों की पहली पसंद बना सराफा बाजार
देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों के लिए इंदौर का सराफा बाजार पहली पसंद बनता जा रहा है। यहाँ मिलने वाला विविध और स्वादिष्ट भोजन इसे भारत की सबसे लोकप्रिय फूड स्ट्रीट्स में एक बनाता है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद यह और भी अधिक चर्चा में आ गया है।
सराफा बाजार की प्रमुख विशेषताएं
स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड: भुट्टे का कीस, पानी पतासा, पोहा, चाट, मिठाइयाँ और ढेरों स्थानीय व्यंजन इस बाजार की जान हैं।
संस्कृति का प्रतिबिंब: सराफा बाजार इंदौर की सांस्कृतिक विविधता और खानपान परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
व्यवसायिक केंद्र: यह बाजार न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी आय का महत्वपूर्ण स्रोत है।
