फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   indore news city forest turns into dumping ground, residents suffer from toxic air and water

Indore News: सिटी फॉरेस्ट में कचरा डंप कर रहा निगम, न हवा साफ रही न पानी

Mon, 04 Aug 2025 07:50 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 04 Aug 2025 07:50 AM IST
सार

Indore News: बिचौली हप्सी में बना सिटी फॉरेस्ट अब लोगों के लिए हरियाली का वरदान नहीं, बल्कि कचरे का अभिशाप बन गया है। नगर निगम द्वारा ग्रीन वेस्ट यानी पत्तियों का कचरा डंप किए जाने से इलाके में हवा जहरीली हो गई है।

विज्ञापन
indore news city forest turns into dumping ground, residents suffer from toxic air and water
कचरे के ढेर में बदल रहा सिटी फारेस्ट। फोटो- जयेश मालवीय - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर के बिचौली हप्सी इलाके में स्थित सिटी फॉरेस्ट, जो कभी हरियाली और स्वच्छ वातावरण का प्रतीक माना जाता था, अब वहां के रहवासियों के लिए अभिशाप बन गया है। नगर निगम के अधिकारियों के एक फैसले ने इस हरे-भरे क्षेत्र की स्थिति बिगाड़ दी है। जंगल की प्राकृतिक सुंदरता को संजोने की बजाय इसे पत्तियों के कचरे का डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है। नतीजा ये हुआ कि आसपास की आबादी को खराब हवा और दूषित पानी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग बीमार पड़ने लगे हैं और जमीन का पानी इतना गंदा हो गया है कि उसे कपड़े धोने में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। रहवासियों के विरोध के बाद अब नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने मामले को दिखवाने का कहा है। 
विज्ञापन


हजारों पेड़ों के बीच पत्तियों का कचरा, हरियाली के बीच छिपा जहर
करीब 31 एकड़ में फैला यह सिटी फॉरेस्ट पहले इतना दूषित नहीं था। कुछ महीने पहले तक यहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा था। लगभग 10 हजार पेड़ पहले से लगे हैं और 8 हजार और लगाए जाने की तैयारी है। दो हजार पौधे हाल ही में लगाए गए हैं। इस पहाड़ी क्षेत्र को हरा-भरा करने की पूरी कोशिश हो रही थी, लेकिन जैसे ही यहां ग्रीन वेस्ट यानी पत्तियों के कचरे को डंप करने का फैसला लिया गया, परेशानी शुरू हो गई। जहां पहले हरियाली सुकून देती थी, वहीं अब पत्तियों के बड़े-बड़े ढेर और उनसे उठता धुआं लोगों के जीवन में जहर घोल रहा है।
विज्ञापन


पत्तियों के ढेर से निकलती गैस और आग ने बिगाड़ी हवा, कई लोग बीमार
पत्तियों का कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड की तर्ज पर यहां जमा किया जा रहा है। जैसे ही इस ढेर में गैस बनती है, खुद-ब-खुद आग लग जाती है और आसपास की कॉलोनियों में धुआं भर जाता है। नगर निगम को बार-बार इस आग को बुझाने की मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन जब तक आग बुझती है, तब तक लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। रहवासियों का कहना है कि खराब हवा की वजह से कई लोग अस्थमा और सांस की बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। यह धुआं केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि यह हवा में जहर घोल रहा है, जो बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों के लिए खतरा बन चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूषित पानी ने बढ़ाई चिंता, रहवासियों ने की सिटी फॉरेस्ट से कचरा हटाने की मांग
हवा के साथ-साथ अब पानी भी प्रदूषित हो गया है। रहवासियों का कहना है कि जब से यहां पत्तियों का कचरा डंप किया जा रहा है, तब से ट्यूबवेल से निकलने वाला पानी गंदा और बदबूदार हो गया है। पानी इतना खराब है कि उससे न तो कपड़े धो सकते हैं और न ही पी सकते हैं। रहवासी इसे पेट्रोल जैसा बता रहे हैं। लोगों की मांग है कि इस क्षेत्र को ट्रेचिंग ग्राउंड के रूप में उपयोग करने का निर्णय तुरंत बदला जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मामला अदालत तक जा सकता है, क्योंकि दूषित हवा और पानी के बीच हर दिन जीना अब असहनीय हो गया है।

मामला जानकारी में है, दिखवा रहे हैं
नगर निगम कमिश्रनर शिवम वर्मा ने बताया कि यह मामला हमारी जानकारी में आया है। इसे दिखवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed