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Indore News: वात्सल्य बाल आश्रम के स्टाफ पर दो साल बाद केस दर्ज, बच्चों को उल्टा लटकाया, मिर्ची की धूनी दी
Fri, 19 Jan 2024 08:53 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 19 Jan 2024 08:53 PM IST
सार
विजय नगर पुलिस ने मुक्त कराए गए बच्चों से बयान लिए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि आश्रम के केयर टेकर्स बच्चियों को बेरहमी से पिटाई करते थे। यह भी आरोप लगाया कि आश्रम में बच्चों को उल्टा लटकाया जाता था और गर्म तवे में मिर्ची रखकर धूनी दी जाती थी।
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वात्सल्यपुरम बाल आश्रम
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
इंदौर के विजयनगर का वात्सल्यपुरम बाल आश्रम फिर चर्चा में है। आश्रम के स्टाफ के कर्मचारियों पर दो साल बाद विजय नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। स्टाफ पर आरोप है कि आश्रम में रहने वाली बालिकाओं को स्टाफ द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि घटनाएं दो साल पुरानी है, लेकिन केस अब दर्ज हुआ है।
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पिछले दिनों प्रशासन ने छापा मारकर आश्रम से 21 बच्चियों को मुक्त कराकर बालिका गृह में भेजा था। प्रशासन के इस कदम पर आश्रम ट्रस्ट ने आपत्ति ली थी और मामले में कोर्ट में याचिका लगाई थी। आश्रम प्रबंधन के इस कदम से अफसर भी नाराज हो गए थे। इसके बाद अब आश्रम के स्टाफ पर प्रकरण दर्ज होने पर भी आश्रम प्रबंधन सवाल उठा रहा है।
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विजय नगर पुलिस ने मुक्त कराए गए बच्चों से बयान लिए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि आश्रम के केयर टेकर्स बच्चियों को बेरहमी से पिटाई करते थे। यह भी आरोप लगाया कि आश्रम में बच्चों को उल्टा लटकाया जाता था और गर्म तवे में मिर्ची रखकर धूनी दी जाती थी।
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बच्चे खांस-खांस कर परेशान हो जाते थे, लेकिन कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजता था। शिकायत में कुछ कर्मचारियों द्वारा एक बच्ची का गर्म चिमटे से हाथ जलाने का भी जिक्र किया गया है। इस घटना की रिपोर्ट एसआई कीर्ति तोमर ने दर्ज कराई है। एफआईआर मेें बताया गया है कि 1 जनवरी 2022 को स्टाफ कर्मचारी आयुषी, सुजाता, सुमन चदेल, मैनेजर आरती ने बच्चों के साथ मारपीट की थी।
दूसरे शहरों में भी चलते है होस्टल
वात्सल्य संस्था के होस्टल सूरत, बेंगलुरु, कोलकता सहित अन्य शहरों में चलते हैं। पिछले दिनों प्रशासन की टीम जब बाल आश्रम में पहुंची तो 21 बच्चियों को होस्टल से मुक्त कराया था। अफसरों ने दस्तावेज जब्त कर आश्रम को सील कर दिया था। प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आश्रम प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है और 21 बच्चियों को उनके पालकों की बगैर अनुमति के बंधक बनाने का आरोप लगाया है।
