Indore: पिछले साल की घटना से सबक लेकर इंदौर मेें इस बार 60 से ज्यादा जलजमाव स्पाॅट खत्म किए
शहर में जो पक्के डिवाइर बनाए गए है। उनमें भी पानी सड़क के इस बार से उस पार जाने के लिए होल किए गए है। शहर में कलेक्टोरेट तिराहा, परदेशीपुरा चौराहा, पलासिया चौराहा, रसोमा लेबोरेटरी, एमआर-10 ब्रिज, सुदामा नगर सहित100 से ज्यादा जगहों पर जलजमाव होता है।
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देश के सबसे साफ शहर इंदौर में जलजमाव की एक बड़ी समस्या है। पिछले साल एक दिन में चार इंच बारिश होने के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया था और जगह-जगह ट्रैफिक जाम हुआ। नाराज इंदौरवासियों ने सोशल मीडिया पर तब जलजमाव का मुद्दा खूब उछाला था। उस घटना से सबक लेकर नगर निगम ने इंदौर में 60 से ज्यादा जलजमाव वाले क्षेत्रों से समस्या दूर की है। वर्षाकाल में भी कई जगह वर्षाजल निकासी लाइन बिछाई गई है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन दस्ता भी बनाया गया है।
ब्रिजों के पास ज्यादा जलजमाव
इंदौर में पहले कच्चे नाले हुआ करते थे। जिनसे वर्षा जल निकल जाता था। मार्गों के चौड़ीकरण के दौरान नाले खत्म हो गए। इस कारण जलजमाव की समस्या ज्यादा आने लगी। अफसरों ने पिछले साल ही जलजमाव क्षेत्र चिन्हित कर काम शुरू कर दिया था। एबी रोड के राजेंद्र माथुर तिराहे पर नाले से जोड़कर लाइन बिछाई गई। नगर निगम चौराहे पर भी चैंबर बनाकर लाइन नाले से जोड़ी गई।
इसके अलावा शहर में जो पक्के डिवाइर बनाए गए है। उनमें भी पानी सड़क के इस बार से उस पार जाने के लिए होल किए गए है। शहर में कलेक्टोरेट तिराहा, परदेशीपुरा चौराहा, पलासिया चौराहा, रसोमा लेबोरेटरी, एमआर-10 ब्रिज, देवी अहिल्या ब्रिज, सुदामा नगर सहित 100 से ज्यादा जगहों पर जलजमाव होता है। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने हाल ही में इसे लेकर बैठक ली और कहा कि ज्यादा वर्षा होने पर आपदा प्रबंधन टीम सबसे ज्यादा सजग रहे। ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए लेफ्ट टर्न को चौड़ा किया जाएगा। निगम ने आपदा प्रबंधन के लिए संसाधन भी जुटाए है।
