फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Indian engineers have extended the life of the MiG-21 aircraft, which is now being retired after 62 ye

Indore: भारतीय इंजीनियरों ने बढ़ाई मिग-21 विमान की उम्र, 62 साल बाद अब हो रहा सेवानिवृत

Thu, 25 Sep 2025 03:38 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Thu, 25 Sep 2025 03:38 PM IST
सार

मसंद बताते है कि मिग-21 विमान में समय-समय पर बदलाव किए गए। एक विमान को अपग्रेड करने में ढाई मिलियन डाॅलर से ज्यादा खर्च किए गए। इस राशि में हथियार खरीद कर उसमें लगाए भी गए। कई बार इस विमान ने दुश्मनों को लोहे के चने चबवाए।

विज्ञापन
Indore: Indian engineers have extended the life of the MiG-21 aircraft, which is now being retired after 62 ye
मिग 21 विमान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कारगिल युद्ध और बालकोट हमले में देश के दुश्मनों के हौसले पस्त करने वाला मिग-21 विमान 26 सितंबर से विदा होने वाला है। भारतीय सेना का शेर कहे जाने वाले इस विमान की विदाई चंडीगढ़ स्टेशन पर फ्लाईपास्ट के साथ होगी। अब यह विमान भारतीय सेना के बेड़े में शामिल नहीं रहेगा। शुक्रवार के बाद यह इतिहास में तब्दील हो जाएगा, लेकिन इससे जुड़े किस्से हमेशा जिंदा रहेंगे। 62 साल की सेवाएं देने के बाद मिग-21 अब ‘सेवानिवृत’ होने जा रहा है।

विज्ञापन

 

महू निवासी भारतीय सेना के पूर्व एयर मार्शल हरीश मसंद करते हैं कि मिग-21 विमान जब भारतीय सेना में शामिल हुआ था तो समय-समय पर उसकी कार्यक्षमता सेना के इंजीनियरों द्वारा बढ़ाई गई। यह लडाकू विमान 2400 घंटे की उड़ान और 40 वर्ष की अवधि के हिसाब से डिजाइन हुआ था, लेकिन हमारे इंजीनियरों के कारण इस विमान ने चार हजार घंटे की उड़ान भरी।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-अब इंदौर एयरपोर्ट पर चूहे का हमला; यात्री को काटा, यहां इंजेक्शन नहीं तो बंगलुरू में लगवाया
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी उम्र भी 20 साल और बढ़ी। जब यह विमान खरीदे गए तो उसमें कुछ कमियां थीं। उसमें मिसाइल तो थी, लेकिन गन नहीं थी। हमारे इंजीनियरों ने गोंडेला गन उसमें लगाई। उसके वार भी ज्यादा स्पष्ट और अचूक बनाए।

 

समय-समय पर किए बदलाव

मसंद बताते है कि विमानों को अपग्रेड करने में कई मिलियन डाॅलर से ज्यादा खर्च हुए। इस राशि में हथियार खरीद कर उसमें लगाए भी गए। इस लागत ने विमान की उम्र भी बढ़ा दी। कई बार इस विमान ने दुश्मनों को लोहे के चने चबवाए। भारतीय इंजीनियरों के कारण कम लागत में ये विमान ज्यादा  उपयोगी बने। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed