फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Illegal colony destroyed in the catchment area of Sirpur pond, 11 under construction houses demolish

Indore: सिरपुर तालाब के कैचमेंट एरिया में कट गई अवैध काॅलोनी,11 निर्माणाधीन मकान तोड़े

Wed, 13 Nov 2024 12:00 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 13 Nov 2024 12:00 PM IST
सार

दस दिन पहले अफसरों ने सिरपुर तालाब की जमीन का सीमांकन किया था और तालाब की जद में आ रहे अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया था। रहवासियों की बैठक कर अफसरों ने अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी थी,लेकिन ज्यादातर लोग नहीं माने।

विज्ञापन
Indore: Illegal colony destroyed in the catchment area of Sirpur pond, 11 under construction houses demolish
सिरपुर तालाब किनारे हटाए अतिक्रमण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में अवैध काॅलोनाइजर तालाब और ग्रीन बेल्ट की जमीन भी नहीं छोड़ रहे है। नगर निगम और प्रशासन ने बुधवार को सिरपुर तालाब के केचमेंट एरिया में काटी जा रही अवैध काॅलोनी में जाकर अवैध निर्माण तोड़े। अवैध काॅलोनी काटने वालों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किए जाएंगे। तालाब के किनारे पर 11 निर्माणाधीन मकान तोड़े गए,जबकि दो परिवारों को दो दिन की मोहलत दी गई है।

विज्ञापन

 

नगर निगम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर इंदौर के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम चला रहा है। शुरुआत सिरपुर तालाब से की जा रही है,क्योकि इस तालाब को रामसर साइट का दर्जा मिला हुआ है।

विज्ञापन


दस दिन पहले अफसरों ने सिरपुर तालाब की जमीन का सीमांकन किया था और तालाब की जद में आ रहे अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया था। रहवासियों की बैठक कर अफसरों ने अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी थी,लेकिन ज्यादातर लोग नहीं माने।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

बुधवार सुबह चार जेसीबी और एक पोकलेन के साथ रिमूवल गैंग मौके पर पहुंची और अवैध काॅलोनी में बन रहे मकानों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया। दो घंटे में 11 निर्माण तोड़े गए है। चार दिन पहले सिरपुर तालाब के धार रोड वाले हिस्से से बीस से ज्यादा अतिक्रमण नगर निगम ने हटाए थे।

 

आपको बता दे कि ठंड के दिनों में इस तालाब पर प्रवासी पक्षी आते है और तीन से चार माह तक यहां रुकते है, लेकिन आसपास अवैध बसाहट होने और तालाब का पानी दूषित होने के कारण पक्षियों की संख्या बीते तीन सालों में कम हो गई थी। तालाब के आसपास का प्राकृतिक वातावरण बना रहे, इसलिए लिए किनारों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed