इंदौर: क्रिकेटर सुनील गावस्कर बोले-क्रिकेट की सेवा सिर्फ बैटिंग और फिल्डिंग से नही होती
क्रिकेट की सेवा सिर्फ मैदान पर बल्ले और गेंद से ही नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे बढ़ाने से भी होती है। पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने रविवार को इंदौर में संजय जगदाले पर लिखी किताब ‘रग-रग में क्रिकेट’ के विमोचन समारोह में यह बात कही।
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इंदौर में रविवार को पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि क्रिकेट की सेवा सिर्फ बल्लेबाजी और फील्डिंग से ही नहीं होती है। अन्य माध्यमों से भी क्रिकेट में योगदान दिया जाता है। संजय जगदाले ने कभी सिलेक्टर, तो कभी कोच बनकर यह भूमिका निभाई है। मेरी और संजय की दोस्ती काफी पुरानी है। हमने साथ में क्रिकेट खेला है। गावस्कर ने कहा कि मैदान में बैट और बॉल के अलावा भी संघर्ष होता है।
कई बार गेंदबाज अपने साथ के फील्डर से कुछ कह देते हैं, लेकिन संजय ने मैदान में और मैदान के बाहर सौम्य स्वभाव बनाए रखा। उन्होंने क्रिकेट के लिए कई प्रतिभाओं को निखारा और उनके खेल में सुधार कर उन्हें क्रिकेट के मैदान तक पहुंचाया। मैंने कई क्रिकेटरों को देखा है, जो क्रिकेट खेलने के बाद किसी बिजनेस में आ जाते हैं, लेकिन संजय क्रिकेट के लिए ही जी रहे हैं। ऐसे लोग बहुत कम होते हैं।
सुनील गावस्कर ने यह बात संजय जगदाले पर लिखी किताब ‘रग-रग में क्रिकेट’ के विमोचन समारोह में कही। इस दौरान गावस्कर ने क्रिकेट से जुड़े कई किस्से भी साझा किए।संजय जगदाले ने कहा कि युवा अवस्था में सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर ने उन्हें काफी प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि मैंने सुनील को मैदान पर देखा था। मैं स्लिप में फील्डिंग कर रहा था और उनकी बल्लेबाजी को ध्यान से देखता रहा। इसके बाद सचिन एक क्रिकेट शिविर में इंदौर आए थे। तब वे 15 साल के थे। उन्हें खेलते हुए देखकर ही समझ गया था कि सचिन बड़ा नाम कमाएंगे।कार्यक्रम का संचालन सुनील दुधाले ने किया। अतिथियों को स्मृति चिह्न किताब के लेखक किरण वाईकर ने प्रदान किए।
