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Indore: एएसआई पर दर्ज था लोकायुक्त का केस, विभाग ने दी अनिवार्य सेवानिवृति

Thu, 12 Feb 2026 06:26 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Thu, 12 Feb 2026 06:26 PM IST
सार

भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे खजराना थाने के सहायक उपनिरीक्षक को पुलिस विभाग ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति थमा दी है। लोकायुक्त की कार्रवाई और विभागीय जांच में केस डायरी छिपाने व जानबूझकर देरी करने जैसे  मामले पुष्ट होने के बाद विभाग ने यह एक्शन लिया।

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Indore: ASI was booked under Lokayukta case, department gave compulsory retirement
इंदौर पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर के खजराना थाने में पदस्थ रहे सहायक उपनिरीक्षक सुनील रैकवार को पुलिस कमिश्नर  नेअनिवार्य सेवानिवृत्ति दी है। यह कठोर निर्णय रैकवार के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले और विभागीय जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर लिया गया है। करीब तीन वर्ष पूर्व रैकवार के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया था, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से थाने से हटाकर पुलिस लाइन में भेज दिया गया था। लोकायुक्त का यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन पुलिस विभाग ने अपने स्तर पर भी विभागीय जांच शुरू की थी।

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विभागीय जांच के दौरान सुनील रैकवार के कार्यों में कई प्रकार की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की पुष्टि हुई। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि रैकवार ने थाने से संबंधित कई महत्वपूर्ण केस डायरियां और अभियोग पत्र आधिकारिक रूप से जमा नहीं कराए थे और उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से अपने पास ही रख लिया था। इसके अलावा उन पर जानबूझकर पुलिस प्रकरणों को लंबे समय तक लंबित रखने का भी आरोप सिद्ध पाया गया। पुलिस अधिकारियों ने रैकवार के इस आचरण को अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना।

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इंदौर पुलिस प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार और कार्य में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध पूर्व में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाती रही है। कई मामलों में दागी कर्मचारियों को पदावनत किया गया है, परंतु रैकवार के प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सीधे अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दंड से दंडित किया गया है। 

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