Indore News: रणजीत हनुमान मंदिर को आयकर विभाग का नोटिस,पांच साल पहले जमा राशि का मांगा ब्यौरा
बैंक के खाताधारी बैंक से दस लाख से अधिक का लेनदेन करते है तो बैंक इस तरह के लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को देता हैै। मंदिर समिति को भी इसी आधार पर नोटिस जारी हुआ। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न खातेदारी के रिटर्न को जांच में लिया जाए।
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इंदौर के प्रसिद्ध भगवान रणजीत हनुमान मंदिर को आयकर विभाग इनकम टैक्स नोटिस मिला है। मंदिर प्रबंधन ने 2018-19 में एक साल के दौरान एक करोड़ 50 लाख रुपए राशि बैंक में डिपाजिट की थी और 15 लाख की एफडी कराई थी। इसके कारण विभाग ने इसके बारे में नोटिस देकर ब्यौरा मांगा है।
बैंक के खाताधारी बैंक से दस लाख से अधिक का लेनदेन करते है तो बैंक इस तरह के लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को देता हैै। मंदिर समिति को भी इसी आधार पर नोटिस जारी हुुआ। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न खातेदारी के रिटर्न को जांच में लिया जाए, आपने यह लेन-देन किया है। अगर उचित कारण नहीं मिला तो इस रिटर्न को खोलकर जांच की जाएगी। उधर नोटिस मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन ने भी जवाब तैयार किया और विभाग को सौंप दिया है। दरअसल वेे सभी मंदिर, संस्थान जो दान राशि लेते हैं लेकिन चेरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्टर्ड नहीं है, उन सभी को इस तरह के नोटिस आ रहे हैं।
नोटबंदी वाले साल बैंक में जमा हुए थे पांच करोड़
आयकर का नोटिस मंदिर प्रबंधन को पहली बार नहीं मिला है। नोटबंदी के बाद से हर साल जमा कराई गई राशि के बाद आयकर विभाग नोटिस देकर ब्यौरा मांगता है। रणजीत हनुमान मंदिर में हर साल लाखों का दान मिलता है। मंदिर प्रबंधन उसे बैंक में जमा करा देता है। जिस साल नोटबंदी हुई थी। तब मंदिर प्रबंधन ने पांच करोड़ रुपए जमा कराए थे। आयकर विभाग ने तब मंदिर प्रबंधन को पहली बार लेन-देन को लेकर नोटिस जारी किया था। इसके बाद वर्ष 2017-18 में भी एक करोड़ 20 लाख नकद जमा कराने पर नोटिस जारी हुआ था।
मंदिर प्रबंधन ने अब चेरिटबल ट्रस्ट के रूप में खुद को रजिस्टर्ड करा लिया है। इसके चलते अब इसकी राशि पर टैक्स नहीं लगेगा। पिछले वर्ष और मौजूद वर्ष के लिए नोटिस नहीं आएगा,क्योकि जिला प्रशासन ने मंदिर में सात सदस्यीय ट्रस्ट का गठन कर दिया है। इससे आयकर एक्ट की धारा 12 ए के तहत चेरिटेबल ट्रस्ट के रूप में दान में मिली राशि पर टैक्स की छूट मिल गई है।
