Indore: उदय नगर, चोरल के जंगलों में निर्माण कार्य से गड़बड़ाया ईको सिस्टम, बाघ,तेंदुए महू के जंगलों में सक्रिय
महू के समीप बड़गोंदा में मंगवार सुबह फिर बाघ नजर आया। कुछ ग्रामीणों ने बाघ का वीडियो भी बनाया। बाघ नखेेरी नदी के समीप बालाजी मंदिर के पास नजर आया है। चार दिन पहले बड़गोंदा नर्सरी में बाघ आया था।
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इस साल महू और मानपुर के आसपास बाघ और तेंदुए लगातार देखे जा रहे है। बाघ ने दस से ज्यादा पशुअेां का शिकार किया है और एक वृद्ध की भी जान ले ली। यह पहला मौका है जब बाघ का मूवमेंट महू के आसपास देखा जा रहा है,जबकि पहले बाघ और तेंदुए देवास, उदयनगर के जंगलों में होते थे।
वन्य प्राणी विशेषज्ञ मानते है कि देवास और उदयनगर तरफ नर्मदा-कालीसिंध प्रोजेक्ट की पाईप लाइन बिछाई जा रही है। इंदौर इच्छापुर प्रोजेक्ट के लिए 9 हजार पेड़ काटे जाने की अनुमति मिली है। तीन हजार पेड़ काटे जा चुके है। सुरंगों के निर्माण के लिए भी ब्लास्ट हो रहे है। इन कामों से वन्य प्राणियों को दूसरे जंगलों की तरफ जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वन्य प्राणी विशेषज्ञ अजय गढ़ीकर कहते है कि आसान शिकार की तलाश में बाघ और तेंदुए महू, मानपुर के आबादी क्षेत्रों की तरफ जा रहे है।तेंदुए तो वैसे ही गांवों के किनारे अक्सर रहते है, लेकिन बाघ की 55 दिन से महू में लगातार मौजूदगी बनी हुई है।
बड़गोंदा में फिर दिखा बाघ
महू के समीप बड़गोंदा में मंगवार सुबह फिर बाघ नजर आया। कुछ ग्रामीणों ने बाघ का वीडियो भी बनाया। बाघ नखेेरी नदी के समीप बालाजी मंदिर के पास नजर आया है। चार दिन पहले बड़गोंदा नर्सरी में बाघ पहुंचा था। चौकीदार का बाघ से 50 फीट की दूरी पर साामना हुआ। बाघ को देखते ही चौकीदार स्कूटर लेकर भागा और अफसरों को बाघ केे नर्सरी में होने की जानकारी दी।
