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Indore News: मां और दो बहनों की जिम्मेदारी संभाल रही आयुषी पहुंची कलेक्टर के पास, तुरंत मिली गाड़ी
Tue, 20 Jun 2023 07:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 20 Jun 2023 07:03 PM IST
सार
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर इलैया राजा टी ने तुरंत की मदद, दो अन्य दिव्यांगों को भी दिए गए वाहन
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
जनसुनवाई में मंगलवार को बालिकाओं और दिव्यांगजनों को रोजगार के लिए मदद देने की अनूठी पहल की गई। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने जरूरतमंद एक बालिका को दो पहिया वाहन और दो दिव्यांगों को विशेष तरह के तीन पहिया वाहन उपलब्ध कराए। इसी के साथ ही जनसुनवाई में आज अनेक जरूरतमंदों की समस्याओं का निराकरण करते हुए तात्कालिक सहायता भी मुहैया कराई गई।
जनसुनवाई में आज कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के समक्ष एक विधवा महिला अपनी तीन बालिकाओं को साथ लेकर पहुंची। इस महिला ने बताया कि मेरे पति का पिछले वर्ष निधन हो गया है। मेरे घर में कमाने वाली सिर्फ मेरी बड़ी बालिका आयुषी ही है। आयुषी नौकरी के लिए घर से बहुत दूर आना-जाना करती है। उसे बहुत परेशानी आती है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि मैं उसे कोई वाहन दिलवा सकूं। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने समस्या को गंभीरता से सुनकर उसका निराकरण किया और उसे स्कूटी वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसी तरह एक दिव्यांग महिला प्रगति जो मूसाखेड़ी में रहती है, वह भी अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के समक्ष पहुंची। प्रगति ने बताया कि मैं एक दिव्यांग महिला हूं। पति मजदूरी करते हैं, उनकी आय से परिवार का गुजर बसर नहीं होता है। घर की आमदनी बढ़ाने के लिए मैं महिलाओं को मेंहदी लगाने का काम घर-घर जाकर करती हूं। महिलाओं के घर-घर जाने में परेशानी होती है। अभी मैं पैदल ही यह कार्य करती हूं। इसलिए बहुत परेशानी होती है। वाहन मिल जाएगा तो मेरे रोजगार में बेहद मदद होगी। इस महिला के रोजगार में मदद के लिए कलेक्टर ने तुरंत ही रेट्रोफाइड तीन पहिया वाहन देने के निर्देश दिए।
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इसी तरह एक और दिव्यांग हिम्मत नगर पालदा निवासी मुकेश पिता मोहन बोरसे ने भी कलेक्टर को अपनी समस्या बताई। मुकेश ने बताया कि मैं एक हाथ से विकलांग हूं। पैर में भी तकलीफ है। अभी मैं बेरोजगार हूं। मैं कोई रोजगार करना चाहता हूं। कलेक्टर ने उसे रेट्रोफाइड तीन पहिया वाहन देने के निर्देश दिए। इस वाहन में वह ट्राली लगाकर छोटा-मोटा व्यवसाय अब कर पाएगा।
इसी तरह जनसुनवाई में आज नरेन्द्र सिंह राजपूत अपनी पांच वर्षीय दिव्यांग बालिका को लेकर पहुंचा। उसने बताया कि यह बालिका मानसिक रूप से दिव्यांग है। इसके लिए शिक्षण और अन्य जरूरी सहयोग की अपेक्षा है। कलेक्टर ने इस बालिका के लिए 1200 रुपए प्रतिमाह की पेंशन स्वीकृत करने, परिवार का बीपीएल कार्ड बनाने, निरामय बीमा करवाने और उसके शिक्षण की व्यवस्था तत्काल करवाने के निर्देश संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय को दिए। इसी तरह अन्य जरूरतमंदों को रेडक्रास के माध्यम से तात्कालिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
आज जनसुनवाई में अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर, अजय देव शर्मा, राजेश राठौर तथा सपना लोवंशी सहित अन्य अधिकारियों ने भी सैकड़ों नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही यथा संभव निराकरण किया। जनसुनवाई में आज आवेदकों के लिए छाछ और चाय की व्यवस्था भी स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से की गई।
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जनसुनवाई में आज कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के समक्ष एक विधवा महिला अपनी तीन बालिकाओं को साथ लेकर पहुंची। इस महिला ने बताया कि मेरे पति का पिछले वर्ष निधन हो गया है। मेरे घर में कमाने वाली सिर्फ मेरी बड़ी बालिका आयुषी ही है। आयुषी नौकरी के लिए घर से बहुत दूर आना-जाना करती है। उसे बहुत परेशानी आती है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि मैं उसे कोई वाहन दिलवा सकूं। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने समस्या को गंभीरता से सुनकर उसका निराकरण किया और उसे स्कूटी वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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इसी तरह एक दिव्यांग महिला प्रगति जो मूसाखेड़ी में रहती है, वह भी अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के समक्ष पहुंची। प्रगति ने बताया कि मैं एक दिव्यांग महिला हूं। पति मजदूरी करते हैं, उनकी आय से परिवार का गुजर बसर नहीं होता है। घर की आमदनी बढ़ाने के लिए मैं महिलाओं को मेंहदी लगाने का काम घर-घर जाकर करती हूं। महिलाओं के घर-घर जाने में परेशानी होती है। अभी मैं पैदल ही यह कार्य करती हूं। इसलिए बहुत परेशानी होती है। वाहन मिल जाएगा तो मेरे रोजगार में बेहद मदद होगी। इस महिला के रोजगार में मदद के लिए कलेक्टर ने तुरंत ही रेट्रोफाइड तीन पहिया वाहन देने के निर्देश दिए।
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इसी तरह एक और दिव्यांग हिम्मत नगर पालदा निवासी मुकेश पिता मोहन बोरसे ने भी कलेक्टर को अपनी समस्या बताई। मुकेश ने बताया कि मैं एक हाथ से विकलांग हूं। पैर में भी तकलीफ है। अभी मैं बेरोजगार हूं। मैं कोई रोजगार करना चाहता हूं। कलेक्टर ने उसे रेट्रोफाइड तीन पहिया वाहन देने के निर्देश दिए। इस वाहन में वह ट्राली लगाकर छोटा-मोटा व्यवसाय अब कर पाएगा।
इसी तरह जनसुनवाई में आज नरेन्द्र सिंह राजपूत अपनी पांच वर्षीय दिव्यांग बालिका को लेकर पहुंचा। उसने बताया कि यह बालिका मानसिक रूप से दिव्यांग है। इसके लिए शिक्षण और अन्य जरूरी सहयोग की अपेक्षा है। कलेक्टर ने इस बालिका के लिए 1200 रुपए प्रतिमाह की पेंशन स्वीकृत करने, परिवार का बीपीएल कार्ड बनाने, निरामय बीमा करवाने और उसके शिक्षण की व्यवस्था तत्काल करवाने के निर्देश संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय को दिए। इसी तरह अन्य जरूरतमंदों को रेडक्रास के माध्यम से तात्कालिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
आज जनसुनवाई में अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर, अजय देव शर्मा, राजेश राठौर तथा सपना लोवंशी सहित अन्य अधिकारियों ने भी सैकड़ों नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही यथा संभव निराकरण किया। जनसुनवाई में आज आवेदकों के लिए छाछ और चाय की व्यवस्था भी स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से की गई।
