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Indore News: अंतर सिंह दरबार को राहत, होम लोन घोटाले की सजा पर लगी हाई कोर्ट से रोक
Tue, 06 Feb 2024 10:59 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 06 Feb 2024 10:59 AM IST
सार
इंदौर को-आपरेटिव बैंक में नियमों को ताक पर रखकर लोन देने का मामला आया था। इसके बाद सजा हुई थी।
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अंतर सिंह दरबार
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार को होम लोन घोटाले में राहत मिल गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर दी है। मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने मामले से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में इंदौर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने 23 दिसंबर को अंतर सिंह व अन्य को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद अंतर सिंह ने सजा के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपील दायर की।
क्या है मामला
लोकायुक्त के सामने इंदौर को-आपरेटिव बैंक में नियमों को ताक पर रखकर लोन देने का मामला आया था। इसके बाद लोकायुक्त ने इस मामले में महू से पूर्व विधायक अंतर सिंह, कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल सहित अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। जब यह सब गड़बड़ी हुई उस समय अंतर सिंह दरबार बैंक में संचालक के पद पर थे।
सजा पर लगी रोक
एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से सजा होने के बाद उन्होंने कोर्ट में सजा निलंबन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर सजा निलंबित कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष अग्रवाल और जयेश गुरनानी ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इंदौर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पर अंतरिम रोक लगा दी।
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क्या है मामला
लोकायुक्त के सामने इंदौर को-आपरेटिव बैंक में नियमों को ताक पर रखकर लोन देने का मामला आया था। इसके बाद लोकायुक्त ने इस मामले में महू से पूर्व विधायक अंतर सिंह, कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल सहित अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। जब यह सब गड़बड़ी हुई उस समय अंतर सिंह दरबार बैंक में संचालक के पद पर थे।
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सजा पर लगी रोक
एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से सजा होने के बाद उन्होंने कोर्ट में सजा निलंबन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर सजा निलंबित कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष अग्रवाल और जयेश गुरनानी ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इंदौर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पर अंतरिम रोक लगा दी।
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