Indore: 9 साल की बच्ची खाती थी अपने बाल तोड़कर, सर्जरी कर पेट से निकाला 800 ग्राम बालों का गुच्छा
सर्जरी करने वाले डाॅ. गौरव सक्सेना ने बताया कि लड़की सामान्य है, उसेे साइको नहीं कहा जा सकता, लेकिन उसकी बाल खाने की बचपन से आदत है। बच्चों के मिट्टी खाने की आदत के बारे में तो सुना था,लेकिन बाल खाने का मामला अनोखा हैै।
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9 साल की एक बच्ची की अजीब आदत के कारण उसकी जान पर बन आई। बच्ची बीते सात साल से अपने बाल तोड़कर खाती थी। इससेे उसके पेट में गठान बन गई थी। पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत के बाद उसे परिजन अस्पताल ले गए। परिजनों ने उसकी आदत के बारे में डाक्टरों को बताया। इसके बाद बच्ची की सर्जरी कर पेट से बालों का गुच्छा निकाला गया, जो एक गठान का रुप ले चुका था।
भूख नहीं लगने और कमजोरी आने के अलावा बच्ची के सिर के बाल भी कम हो गए थे, क्योकि वह अपने सिर के बाल तोड़कर खाती थी। परिजन उसे 27 जून को इंडेक्स अस्पताल लेकर गए। डाक्टरों ने जांच शुरू की। पेट का सिटी स्कैैन कराने पर पेट में गठान नजर आई। इसके बाद 5 जुलाई को बच्ची के पेट मेें 15 सेमी का चीरा लगाकर बालों का गुच्छा निकाला। आपरेशन के बाद दस टांके लगाए गए। डाक्टरों ने बताया कि अब बच्ची की हालत ठीक है। सप्ताह भर बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
बाल खानेे का अनोखा मामला
सर्जरी करने वाले डाॅ. गौरव सक्सेना ने बताया कि लड़की सामान्य है, उसेे साइको नहीं कहा जा सकता, लेकिन उसकी बाल खाने की बचपन से आदत है। बच्चों के मिट्टी खाने की आदत के बारे में तो सुना था,लेकिन बाल खाने का मामला अनोखा हैै।
बच्ची की हमने समझाया भी है कि बाल खाने की आदत छोड़ दे। डाॅ.सक्सेना का कहना है कि बच्ची लंबे समय से बाल खा रही थी, जो उसके अमाशय से चिपकते गए। बाल पचाए नहीं जा सकते हैै। बालों के गुच्छे ने एक गठान का रुप ले लिया था। उससे पाचन में परेशानी हुई और उसे दस्त भी लगने लगे थे। बच्ची चौथी कक्षा में पढ़ती है और उसकी एक 14 साल की बहन है। बच्ची इंदौर के समीप अपनी मां और बहन के साथ रहती है।
