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Indore News: राष्ट्रीय जल पुरस्कार में इंदौर नगर निगम को देश में दूसरा स्थान, चंडीगढ़ ने बाजी मारी
Thu, 15 Jun 2023 07:53 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 15 Jun 2023 07:53 PM IST
सार
17 जून को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा नई दिल्ली में दिए जाएंगे पुरस्कार, जनसहयोग से बदली तस्वीर
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सिरपुर तालाब
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
स्वच्छता में नंबर वन शहर इंदौर हर क्षेत्र में अपनी कीर्ति बढ़ाता जा रहा है। जल शक्ति मंत्रालय ने चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार की घोषणा की। इसमें नगर निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा पुरस्कार मिला है। जल शक्ति मंत्रालय ने इस श्रेणी में पहली बार पुरस्कार घोषित किए हैं। पहले स्थान पर चंडीगढ़ ने बाजी मारी है। पिछले वर्ष इंदौर जिले को प्रथम पुरस्कार मिला था और इस बार नगरीय निकाय श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला है। चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 17 जून को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के द्वारा नई दिल्ली में दिए जाएंगे। इंदौर की पूर्व निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने इस मौके पर कहा कि यह इंदौर की जनता की सफलता है। वहा पर जनभागीदारी बहुत है इसलिए यह सब काम संभव हो पाते हैं। लोगों ने अपने घरों में भूजल पुनर्भरण इकाइयां बनाई जिससे वाटर लेवल बहुत सुधरा। शहर अब स्वच्छता के साथ पानी का महत्व भी समझने लगा है। अगले कुछ वर्षों में इंदौर जल संरक्षण में पहले नंबर पर आता रहेगा। जब जल संरक्षण और पुनर्भरण के लिए शहर में प्रयास शुरू हुए तब प्रतिभा पाल नगर निगम इंदौर की आयुक्त थीं।
इन कामों की वजह से इंदौर को मिला पुरस्कार
1. शहर में छोटे-छोटे तालाब बनाए गए। 11 रिचार्ज जोन के रूप में इनका निर्माण हुआ। ज्यादा पानी बरसने के बाद भी शहरी क्षेत्र को अतिवृष्टि की परेशानी नहीं हुई और भूजल में भी वृद्धि हुई।
2. शहर में जगह जगह भूजल पुनर्भरण इकाइयां लगवाई गईं। निजी व शासकीय भवनों, रहवासी सोसायटी, औद्योगिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक संस्थान व धार्मिक स्थलों पर इन्हें लगाया गया। भूजल की रियल टाइम मानीटरिंग शुरू हुई इसके लिए शहर में अलग अलग दस जगह पर पीजो मीटर लगाए गए।
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3. शहर के 10 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 360 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है। इसमें से करीब 105 एमएलडी पानी का पुन: उपयोग किया जा रहा है। इस पानी से 200 उद्यान, भवन निर्माण, गार्डन, मेट्रो लाइन निर्माण, तालाब में भूजल रिचार्ज, चिड़ियाघर-ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगे पौधों की सिंचाई में हो रही है। उपचारित पानी से निगम को 10 लाख रुपए प्रतिमाह की आय है।
4. कान्ह व सरस्वती नदी में से अतिक्रमण हटाया गया। इनके चैनलों, तालाबों की लंबाई, चौड़ाई के साथ गहराई भी बढ़ाई गई। बीच में बोल्डर चेक व चेक डेम का निर्माण किया गया। इसका असर यह हुआ कि पिछली बार हुई 17 इंच बारिश में तालाब पूर्ण क्षमता से भर गए।
रिचार्ज जोन में 12 तालाब बनाए गए
रालामंडल ग्राम में दो तालाब, गुलमोहर परिसर के पास एक तालाब, बिजासन टेकरी पर दो तालाब, भूरी टेकरी पुलिस लाइन के सामने एक तालाब, बीएसएफ एरोड्रम रोड पर दो तालाब, रेवती रेंज में तीन तालाब, सिटी फारेस्ट में एक तालाब
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इन कामों की वजह से इंदौर को मिला पुरस्कार
1. शहर में छोटे-छोटे तालाब बनाए गए। 11 रिचार्ज जोन के रूप में इनका निर्माण हुआ। ज्यादा पानी बरसने के बाद भी शहरी क्षेत्र को अतिवृष्टि की परेशानी नहीं हुई और भूजल में भी वृद्धि हुई।
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2. शहर में जगह जगह भूजल पुनर्भरण इकाइयां लगवाई गईं। निजी व शासकीय भवनों, रहवासी सोसायटी, औद्योगिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक संस्थान व धार्मिक स्थलों पर इन्हें लगाया गया। भूजल की रियल टाइम मानीटरिंग शुरू हुई इसके लिए शहर में अलग अलग दस जगह पर पीजो मीटर लगाए गए।
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3. शहर के 10 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 360 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है। इसमें से करीब 105 एमएलडी पानी का पुन: उपयोग किया जा रहा है। इस पानी से 200 उद्यान, भवन निर्माण, गार्डन, मेट्रो लाइन निर्माण, तालाब में भूजल रिचार्ज, चिड़ियाघर-ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगे पौधों की सिंचाई में हो रही है। उपचारित पानी से निगम को 10 लाख रुपए प्रतिमाह की आय है।
4. कान्ह व सरस्वती नदी में से अतिक्रमण हटाया गया। इनके चैनलों, तालाबों की लंबाई, चौड़ाई के साथ गहराई भी बढ़ाई गई। बीच में बोल्डर चेक व चेक डेम का निर्माण किया गया। इसका असर यह हुआ कि पिछली बार हुई 17 इंच बारिश में तालाब पूर्ण क्षमता से भर गए।
रिचार्ज जोन में 12 तालाब बनाए गए
रालामंडल ग्राम में दो तालाब, गुलमोहर परिसर के पास एक तालाब, बिजासन टेकरी पर दो तालाब, भूरी टेकरी पुलिस लाइन के सामने एक तालाब, बीएसएफ एरोड्रम रोड पर दो तालाब, रेवती रेंज में तीन तालाब, सिटी फारेस्ट में एक तालाब
