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इंदौर: कोर्ट में सुनवाई के दौरान बयानों से मुकरी रेप पीड़िता, दो साल पहले सगे पिता पर लगाया था आरोप
Fri, 04 Feb 2022 04:41 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 04 Feb 2022 04:41 PM IST
सार
इंदौर में एक नाबालिग लड़की ने अपने सगे पिता पर दो साल पहले रेप का आरोप लगाया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान लड़की अपने बयानों से मुकर गई। कोर्ट ने आरोपी को बाइज्जत बरी कर दिया है।
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इंदौर: कोर्ट में बयानों से पलटी रेप पीड़िता (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में दो साल पहले अपने ही पिता पर रेप का आरोप लगाने वाली बेटी कोर्ट में अपने बयानों से पलट गई। उसने कोर्ट में गवाही के दौरान कहा कि उसका पिता से मामूली विवाद था, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते समय क्या लिखा इसकी उसे जानकारी नहीं है।
मामला इंदौर के बाणगंगा थाने का है। करीब दो साल पहले एक नाबालिग लड़की ने अपने पिता के खिलाफ रेप, धमकाने, मारपीट व पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि करीब 2014 से उसके पिता उसके साथ गलत काम कर रहे हैं। उसके पिता ने पहली बार मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, बाद में उसकी मां को जान से मारने की धमकी देकर पिता ने उसका शोषण किया। उसके पिता उसकी छोटी बहन के साथ गलत काम न करें। इसलिए वह रिपोर्ट कर रही है।
पीड़िता नाबालिग थी इसलिए मामला पॉक्सो एक्ट के तहत गठित स्पेशल कोर्ट में चला गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान लड़की अपनी लिखाई पुलिस रिपोर्ट से ही पलट गई। सुनवाई के दौरान लड़की ने कहा कि उसने पिता से पैसे मांगे थे, जो नहीं देने पर विवाद हुआ तो वह थाने गई थी। पुलिस ने थाने में क्या रिपोर्ट लिखी, उसे नहीं पता। लड़की के साथ ही मामले में गवाह के रूप में पेश उसकी मां, मौसी, मामा भी अपने बयानों से मुकर गए। वहीं मेडिकल जांच करने वाली डॉक्टर उषा चौधरी की बनाई मेडिकल रिपोर्ट को भी लड़की ने खुद की रिपोर्ट मानने से इंकार किया है। गवाहों के अपने बयानों से मुकर जाने पर लड़की के पिता को जज पावस श्रीवास्तव ने बाइज्जत बरी कर दिया है।
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मामला इंदौर के बाणगंगा थाने का है। करीब दो साल पहले एक नाबालिग लड़की ने अपने पिता के खिलाफ रेप, धमकाने, मारपीट व पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि करीब 2014 से उसके पिता उसके साथ गलत काम कर रहे हैं। उसके पिता ने पहली बार मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, बाद में उसकी मां को जान से मारने की धमकी देकर पिता ने उसका शोषण किया। उसके पिता उसकी छोटी बहन के साथ गलत काम न करें। इसलिए वह रिपोर्ट कर रही है।
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पीड़िता नाबालिग थी इसलिए मामला पॉक्सो एक्ट के तहत गठित स्पेशल कोर्ट में चला गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान लड़की अपनी लिखाई पुलिस रिपोर्ट से ही पलट गई। सुनवाई के दौरान लड़की ने कहा कि उसने पिता से पैसे मांगे थे, जो नहीं देने पर विवाद हुआ तो वह थाने गई थी। पुलिस ने थाने में क्या रिपोर्ट लिखी, उसे नहीं पता। लड़की के साथ ही मामले में गवाह के रूप में पेश उसकी मां, मौसी, मामा भी अपने बयानों से मुकर गए। वहीं मेडिकल जांच करने वाली डॉक्टर उषा चौधरी की बनाई मेडिकल रिपोर्ट को भी लड़की ने खुद की रिपोर्ट मानने से इंकार किया है। गवाहों के अपने बयानों से मुकर जाने पर लड़की के पिता को जज पावस श्रीवास्तव ने बाइज्जत बरी कर दिया है।
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