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इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन का काम जल्द होगा शुरू, 170 किमी कम हो जाएगी मुंबई की दूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:19 AM IST
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nitin gadkari
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दिल्ली में मंगलवार को हुई एक बैठक में इंदौर- मनमाड़ रेल लाइन के लिए एमओयू साइन हुआ है। रेलमंत्री पीयूष गोयल, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। माना जा रहा है कि इस नई रेल लाइन के लिए नवंबर या दिसंबर में काम शुरू हो सकता है। इसके बाद नई रेल लाइन से औद्योगिक नगरी इंदौर से जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) मुंबई की दूरी करीब 171 किमी कम हो जाएगी। लक्ष्य है कि इसे पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा।
इस रेल लाइन के लिए प्रदेश सरकार 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हालांकि सरकार को बाद में 400 करोड़ रुपए वापिस मिल जाएंगे। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) 55% राशि वहन करेगा। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों को 15-15 फीसदी राशि वहन करना होगी। 15% हिस्सेदारी समुद्र डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड वहन करेगा। परियोजना में महाराष्ट्र के हिस्से में 518 करोड़ जबकि मध्यप्रदेश के हिस्से में 500 करोड़ रुपए आएंगे। जमीन की लागत और रॉयल्टी मिलाकर लगभग 400 करोड़ रुपए प्रदेश को वापस मिल जाएंगे। इस फॉर्मूले पर मध्यप्रदेश ने अपनी सहमति जता दी है।
माना जा रहा है कि इसके बनन के बाद 4 घंटे की दूरी कम हो जाएगी। बता दें कि इंदौर से मुंबई की दूरी अभी रतलाम होते हुए करीब 829 किलोमीटर है। ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है। नई लाइन बनने से दूरी 171 किमी कम होकर 659 किमी रह जाएगी और सफर करीब 9 घंटे का हो जाएगा। मनमाड़ से मेनलाइन नासिक होते हुए मुंबई पहुंचेगी। यह रेल मार्ग बनने से दिल्ली से चेन्नई व बेंगलुरू की दूरी भी कम होगी। वहीं बस से करीब 11 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से यह समय सवा घंटे है। इस रेल लाइन को बनाने में कुल 9 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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इस रेल लाइन के लिए प्रदेश सरकार 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हालांकि सरकार को बाद में 400 करोड़ रुपए वापिस मिल जाएंगे। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) 55% राशि वहन करेगा। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों को 15-15 फीसदी राशि वहन करना होगी। 15% हिस्सेदारी समुद्र डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड वहन करेगा। परियोजना में महाराष्ट्र के हिस्से में 518 करोड़ जबकि मध्यप्रदेश के हिस्से में 500 करोड़ रुपए आएंगे। जमीन की लागत और रॉयल्टी मिलाकर लगभग 400 करोड़ रुपए प्रदेश को वापस मिल जाएंगे। इस फॉर्मूले पर मध्यप्रदेश ने अपनी सहमति जता दी है।
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माना जा रहा है कि इसके बनन के बाद 4 घंटे की दूरी कम हो जाएगी। बता दें कि इंदौर से मुंबई की दूरी अभी रतलाम होते हुए करीब 829 किलोमीटर है। ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है। नई लाइन बनने से दूरी 171 किमी कम होकर 659 किमी रह जाएगी और सफर करीब 9 घंटे का हो जाएगा। मनमाड़ से मेनलाइन नासिक होते हुए मुंबई पहुंचेगी। यह रेल मार्ग बनने से दिल्ली से चेन्नई व बेंगलुरू की दूरी भी कम होगी। वहीं बस से करीब 11 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से यह समय सवा घंटे है। इस रेल लाइन को बनाने में कुल 9 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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