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मार्च तक मिलेंगी सेना को देशी स्तर पर उन्नत 18 सारंग तोप, मारक क्षमता 39 किमी
Wed, 22 Jan 2020 05:41 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 22 Jan 2020 05:41 AM IST
सार
- बैरल को 130 मिलीमीटर से बढ़ाकर 155 मिलीमीटर किया गया
- मारक क्षमता करीब 12 किलोमीटर बढ़कर 39 किलोमीटर हो गई
- शून्य से 45 डिग्री तक विभिन्न पैरामीटर पर हुआ सफल परीक्षण
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सारंग तोप
- फोटो : Amar ujala
विस्तार
देशी स्तर पर उन्नत की गई ‘सारंग’ आर्टिलरी तोप का पहला बैच इस साल 31 मार्च तक सेना में शामिल कर लिया जाएगा। सारंग के परियोजना समन्वयक ब्रिगेडियर जयंत कार ने मंगलवार को बताया कि इस बैच में 18 तोप शामिल होंगी।
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उन्होंने कहा कि उन्नत संस्करण में सारंग की बैरल को 130 मिलीमीटर से बढ़ाकर 155 मिलीमीटर किया गया है, जिससे इसकी मारक क्षमता करीब 12 किलोमीटर बढ़कर 39 किलोमीटर हो गई है। उन्नत संस्करण का मंगलवार को खमारिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की लांग रूफ फायरिंग रेंज पर 0 से 45 डिग्री तक विभिन्न पैरामीटर पर परीक्षण किया गया।
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जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर किया गया यह इंटिग्रेटिड फायरिंग परीक्षण पूरी तरह सफल साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्वदेशी विकसित सारंग को इस वित्त वर्ष के अंत तक सेना में शामिल कर लिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) ने सारंग को विकसित करने के लिए वैश्विक कंपनियों को पछाड़कर अनुबंध हासिल किया था। जीसीएफ ने इस तोप को सरकारी ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों और सेना व डीआरडीओ की टीमों की मदद से तैयार किया है।
