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Chhindwara: प्रदीप मिश्रा की कथा में जुड़वा बच्चों को लेकर पहुंची महिला, शिव कृपा का किया बखान, जानें मामला
Wed, 06 Sep 2023 03:24 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Wed, 06 Sep 2023 03:24 PM IST
सार
डॉक्टरों ने भी डेहरिया दंपती को सलाह दी थी कि बच्चे के लिए प्रयास न करें। बच्चे का प्रयास करना उनके लिए घातक साबित हो सकता है।
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जुड़वा बच्चों को गोद लिए पंडित प्रदीप मिश्रा।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में आज एक रोचक घटना देखने को मिली। यहां कथा के दौरान एक महिला अपने जुड़वा बच्चों को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा के पास पहुंची। इस घटना के सभी श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया।
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दरअसल पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के पहले दिन भगवान शिव की पूजा से होने वाले लाभ से प्रभावित भक्तों के अनुभव पत्र पढ़ रहे थे। उन्होंने इसमें से एक पत्र नरसिंगपुर जिले के सांइखेड़ा में रहने वाली हिमानी डेहरिया पति रामकुमार डेहरिया का भी पढ़ा।
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पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि उक्त महिला की शादी को कई साल हो गए थे, लेकिन उन्हें संतान नहीं हो रही थी। उन्होंने डॉक्टरों से चेकअप कराया तो पता चला कि उनका गर्भ नहीं ठहरता, जिस कारण उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों ने भी डेहरिया दंपती को सलाह दी थी कि बच्चे के लिए प्रयास न करें। बच्चे का प्रयास करना उनके लिए घातक साबित हो सकता है। तभी उन्हें किसी ने पशुपतिनाथ व्रत करने की सलाह दी और उनके जीवन में चमत्कार हो गया।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा में बताया कि उक्त महिला ने अपने पत्र में लिखा है कि जैसे ही उसने पशुपतिनाथ व्रत करना शुरू किया तीन महीने में गर्भ ही ठहर गया। गर्भ ठहरना कोई बड़ी बात नहीं थी, ऐसे में उन्होंने दोबारा डॉक्टर को चेक कराया तो डाक्टरों का कहना था कि यह बच्चा भी गर्भ में ज्यादा नहीं ठहरेगा। उन्होंने भगवान शिव पर विश्वास रखते हुए पूजा-अर्चना जारी रखी। उन्हें एक विल्वपत्र चढ़ाना शुरू कर दिया। 8वें महीने में उन्होंने जांच कराई तो गर्भ में दो बच्चों के होने की जानकारी मिली। बाद में 9वें महीने में उन्होंने एक बेटी श्री और बेटा शिवाय को जन्म दिया।
