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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Honeytrap Case MP: The accused said - make me a court witness, I will hand over the list of all the people to the court, many VIPs used to come to meet Shweta

Honeytrap Case MP: आरोपी ने कहा-मुझे कोर्ट सरकारी गवाह बना दे, सभी लोगों की सूची कोर्ट को सौंप दूंगा, कई वीआईपी आते थे श्वेता से मिलने

Sun, 05 Jun 2022 11:51 AM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sun, 05 Jun 2022 11:51 AM IST
सार

मप्र के हनीट्रैप मामले में आरोपी अभिषेक ठाकुर ने कहा है कि यदि कोर्ट उसे सरकारी गवाह बना दे तो वह उन सभी लोगों के नाम कोर्ट को बता देगा जो श्वेता से मिलने आते थे। मुझे सब पता है इसीलिए मुझ पर केस दर्ज करवाया गया। 

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Honeytrap Case MP: The accused said - make me a court witness, I will hand over the list of all the people to the court, many VIPs used to come to meet Shweta
दो दिन पहले जिला कोर्ट पहुंचीं थी आरोपी आरती और श्वेता - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मप्र के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले को लेकर अब फिर से चर्चाएं शुरू हुई है। दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अब यह मामला फिर से सुर्खियों में है और नई बातें सामने आ रही है। एक आरोपी ने सरकारी गवाह बनने की बात कहते हुए यहां तक कहा है कि यह मामला हनी ट्रैप नहीं बल्कि मानव तस्करी का है। ऐसे कई लोगों की सूची मेरे पास है जो श्वेता से मिलने आते थे। इनमें वीआईपी भी शामिल हैं। 
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बता दें कि हनीट्रैप मामले में पिछले दिनों आरोपी आरती दयाल और श्वेता विजन जैन को जमानत मिल चुकी है। जमानत के बाद दोनों जेल से छूट गईं। शुक्रवार को जिला कोर्ट में पहुंची और बैंक खाते व लॉकर खुलवाने के लिए आवेदन दिया। इस मामले के एक आरोपी अभिषेक ठाकुर ने सरकारी गवाह बनने की बात कही है। आरोपी अभिषेक ने कहा है कि यह केवल हनीट्रैप नहीं बल्कि मानव तस्करी का मामला है। इसको लेकर भोपाल में केस भी दर्ज है। आरोपी अभिषेक ने श्वेता से मिलने आने वाले वीआईपी की लिस्ट कोर्ट को देने की बात कही है जिसमें कई बड़े अधिकारी और सफेदपोश भी हैं। आरोपी के वकील धर्मेन्द्र गुर्जर ने बताया कि अभिषेक को इसलिए सरकारी गवाह बनाना जरूरी है, क्योंकि मामला दर्ज होने बाद पुलिस ने अभिषेक को गिरफ्तार किया था। 
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कोर्ट के सामने सभी लोगों के नाम बता सकता हूं
आरोपी अभिषेक ठाकुर ने बताया कि हनीट्रैप मामले में 17 सितंबर 2019 को केस दर्ज होने के दो दिन बाद पुलिस ने मुझे भोपाल से गिरफ्तार किया था। मेरी पहचान श्वेता विजय जैन से वर्ष 2016 में हुई थी। उस समय मैं उससे एनजीओ के सिलसिले में मिला था। उसने मुझे सरकारी मदद किस तरह से मिलेगी इसके बारे में बताया था। श्वेता ने एनजीओ का किसी भी प्रकार का काम करवाने के लिए मुझे 15 से 20 प्रतिशत का कमीशन देने की बात कही थी। श्वेता ने ही मुझे आरती दयाल से मिलवाया और कहा कि इनका एमएसएमई से लोन दिलवाना है। तुम इनसे सभी कागजात ले लो और जैसे मैं बोलूं वैसे-वैसे उन कागजों को विभागों में लगाना। मेरा अधिकतर समय फैक्ट्री में ही कटता था। मैं उसके पहले तक आरती को जानता भी नहीं था। यह सिर्फ हनीट्रैप नहीं है बल्कि यह मानव तस्करी का मामला है। मुझे जब पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा तो मुझे मालूम हुआ कि इंदौर के सिटी इंजीनियर हरभजन ने ब्लैकमेलिंग का कोई मामला दर्ज करवाया है। मुझे इंदौर लाने के बाद किसी तरह से कोई सवाल-जवाब नहीं हुए। श्वेता और आरती पहले से पुलिस गिरफ्त में थीं। मुझे इनका पूरा सच मालूम है। उन्हें डर था कि यदि मैं बाहर रहा तो कई लोगों के नाम सामने ला सकता हूं। इसलिए उन दोनों ने मेरा नाम लिया। जिसके आधार पर मुझे गिरफ्तार किया गया। मुझे कोर्ट सरकारी गवाह बना दे। मैंने कई बड़े अधिकारियों और सफेदपोश लोगों को श्वेता जैन के पास आते देखा है। मैं कोर्ट के सामने सभी लोगों के नाम बता सकता हूं। इस मामले में कई वीआईपी के ऊपर से पर्दा उठ जाएगा, लेकिन मैं अभी किसी का नाम नहीं ले सकता। मुझे जान का खतरा है। यदि मुझे सरकारी गवाह बनाया जाए तो मैं कोर्ट के सामने पूरी लिस्ट सौंप दूंगा।
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